हरियाणा के वित्तमंत्री अभिमन्यु ने शुक्रवार को विपक्षी कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) पर राज्य में फिर से शुरू हुए जाट आंदोलन को समर्थन देने का आरोप लगाया। अभिमन्यु ने एक बयान में कहा, "इससे पहले कांग्रेस और अब इनेलो अपना समर्थन दे रहा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि आंदोलन राजनीति से प्रेरित है और इसका आम जनता से कुछ लेना-देना नहीं है।"मंत्री ने कहा, "पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा और उनकी कांग्रेस पार्टी ने आंदोलन की आड़ में राज्य को हिंसा में डाल दिया था, वे कुछ स्थानों पर चल रहे आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।"अभिमन्यु ने कहा कि जाट नेता यशपाल मलिक भी हरियाणा के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जाटों और दूसरी जातियों के आरक्षण को बढ़ाया है। इसके लिए बीते साल एक विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया।इस विधेयक को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई, जिसमें हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा घोषित आरक्षण पर रोक लगा दी गई।उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले ही साफ कर चुके हैं कि जैसे ही आरक्षण पर से रोक हटाई जाएगी, उनकी सरकार केंद्र सरकार को इसे संविधान की नौवीं सूची में शामिल करने के लिए पत्र लिखेगी।
इस स्थिति में आरक्षण के लिए आंदोलन करने मतलब नहीं है।"उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और इनेलो आरक्षण पर राजनीति कर रहे हैं। इनेलो हरियाणा में 1999 से 2005 तक और कांग्रेस 2005 से 2014 तक सत्ता में रही, लेकिन इन्होंने कभी जाटों को आरक्षण देने की बात नहीं सोची।जाट आंदोलन की शुरुआत फिर से 29 जनवरी से हुई।बीते साल जाट आंदोलन में तीस लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।