जबरदस्त हार को देखते, अकाली-भाजपा गठजोड की ओर से पंजाब में कांग्रेसी उम्मीदवारों को समर्थन - गुरप्रीत सिंह
आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को रोकना चाहते हैं सुखबीर बादल और कैप्टन अमरिन्दर - गुरप्रीत सिंह वड़ैच
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चण्डीगढ़ , 29 Jan 2017
Last updated on: Jan 29, 2017, 00:00 IST
आम आदमी पार्टी (आप) ने दोष लगाया है कि आगामी विधान सभा चुनावों में अपनी हार को देखते अकाली-भाजपा गठजोड ने एक नई चाल खेलते कई सीटों पर कांग्रेसी उम्मीदवारों को समर्थन दे दिया है, जहां आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की कांग्रेसी उम्मीदवारों की अपेक्षा ज़्यादा हवा है और अकाली या भाजपा उम्मीदवार अपना अधार गवा चुके हैं। आम आदमी पार्टी के सूबा कनवीनर गुरप्रीत सिंह वड़ैच ने यहां से जारी एक ब्यान में कहा कि शिरोमणी अकाली दल और भाजपा नेताओं की तरफ से खरड़ से कांग्रेसी उम्मीदवार की खुल कर हिमायत की जा रही है, जहां से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार और आप डायलॉग समिति के कनवीनर कंवर संधू जीतने की हालत में हैं। अकाली-भाजपा गठजोड की तरफ से कांग्रेसी उम्मीदवार जगमोहन सिंह कंग के खिलाफ एक कमजोर उम्मीदवार रणजीत सिंह गिल को चुनाव मैदान में उतारा गया है।
उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा उम्मीदवारों की तरफ से कंग को हिमायत करने की मीडिया में रिपोर्टें आईं हैं। उन्होंने कहा कि खरड़ उन ज्यादातर सीट में से एक है, जहां ऐसा सब देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से भी बादलों को उनके जद्दी हलके में बचाने की कोशिश की जा रही है।
वड़ैच ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर और दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल और प्रांतीय नेताओं ने पंजाब के लोगों को अकाली -भाजपा -कांग्रेस के अपवित्र गठजोड संबंधी पहले ही सुचेत किया हुआ है। उन्होंने कहा कि बादल परिवार को चुनावों में अपनी हार साफ नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले से ही अंदाजा लगा चुकी है कि अकालियों की तरफ से सूबे के स्त्रोतों की खुली लूट और धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं के कारण पंजाब की जनता की भावनाएं बादल परिवार के खिलाफ हैं, जिस कारण आम आदमी पार्टी रिकार्ड तोड़ जीत हासिल करेगी।वड़ैच ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से लम्बी से चुनाव केवल प्रकाश सिंह बादल को बचाने के लिए लड़ी जा रही है, जो कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह से हार रहे हैं।
कांग्रेस ने जलालाबाद से रवनीत बिट्टू को उतारा है, जिससे बादलों के विरोधी वोटों को बांट कर सुखबीर बादल को जिताया जा सके। उन्होंने कहा कि अकाली सांसद शेर सिंह घुबाया के बेटे दविन्दर घुबाया का हलका भी सुखबीर बादल को जिताने के लिए बदला गया है, परंतु राए सिक्ख भाईचारे की वोटें आम आदमी पार्टी के साथ हैं।उन्होंने कहा कि अकाली दल के 6 मौजूदा विधायकों की तरफ से कांग्रेस में शामिल होना भी इसी अपवित्र गठजोड का हिस्सा है, जिससे कांग्रेस के हक में झूठी लहर पैदा की जा सके। उन्होंने कहा कि सब अच्छी तरह जानते हैं कि कांग्रेस ने अकाली दल की सहायता करने के लिए तीन सीटेंं तलवंडी साबो, धूरी और मोगा खाली छोड़ दी थी और उप चुनाव में अकाली दल को जीत दिला दी थी।
जोगिन्दरपाल जैन, जीत महिंद्र सिद्धू और अरविन्द खन्ना, सभी ही कैप्टन अमरिन्दर के खास थे और उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे कर तीनों सीटें अकाली दल की झोली में डाल दी थी, जिस कारण सुखबीर बादल को विधान सभा में पूर्ण बहुमत हासिल हो गया था और उसको भाजपा के समर्थन की जरूरत नहीं रही थी।वड़ैच ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की तरफ से आम आदमी पार्टी को सत्ता में आने से रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोग अब बादलों और कैप्टन अमरिन्दर सिंह की भद्दी चालों को अच्छी तरह जान गए हैं और उनकी बातों में आने वाले नहीं। वड़ैच ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि वह इन दोनों पार्टियों को विधान सभा चुनाव में सबक सिखाऐं। उन्होंने फिर दोहराया कि आम आदमी पार्टी सत्ता में आने के बाद बादल परिवार की तरफ से किये गए घोटालों की जांच करवाएगी, जिस कारण बादल परिवार की तरफ से कांग्रेस के साथ अपवित्र गठजोड किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी पंजाब में नशों और रेत बजरी माफिया के लिए बराबर की जिम्मेदार है। दोनों पार्टियों के नेता गैरकानून्नी कारोबारों में हिस्सेदार हैं।