Friday, 05 June 2026

 

 

खास खबरें दिसंबर 2026 तक 75 लाख घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य : प्रह्लाद जोशी ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों के नियमन के मॉडल प्लान को मंत्रिमंडलीय उप-समिति की स्वीकृति सतपाल महाराज ने कविन्द्र गुप्ता से की भेंट यूटी चंडीगढ़ में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 पर कार्यशाला आयोजित डॉ. जितेंद्र सिंह ने पेटेंट दाखिल करने और शोध पत्र लेखन में प्रशिक्षण के लिए एएनआरएफ पोर्टल की घोषणा की मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में सभी उपायुक्तों को भूमि की वेरिफिकेशन करने के निर्देश पंजाब सरकार की ‘मेरी रसोई’ योजना से जिले के 2 लाख 70 हजार परिवारों को होगा लाभ - मोहिंदर भगत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 13वीं एनईएसएसी बैठक में भाग लिया अमिट यादें छोड़ गया सीचेवाल गांव का पांच दिवसीय खेल मेला संपन्न पंजाब सरकार की मुहिम ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ राज्य में नशों के खात्मे के लिए जन आंदोलन बनी : मोहिंदर भगत आग से प्रभावित इलाके में गैरकानूनी तरीके से चल रहे होटल और रेस्टोरेंट, जांच तेज : कपिल मिश्रा अमित शाह ने आज शिलांग में NEC की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की जनता के विश्वास को और मजबूत करने के लिए कार्य करें पदाधिकारी : नितिन नवीन 'आज की युवा पीढ़ी को जानना चाहिए 1991 का भारत', मनोज बाजपेयी ने बताई फिल्म 'गवर्नर' की खासियत संपूर्ण क्रांति के 52 साल : गांधी मैदान से जेपी की हुंकार ने बदली राजनीति की धारा मध्य प्रदेश में नैक की तर्ज पर गठित करें सैक : सीएम मोहन यादव भारत और ब्रिटेन भविष्य को ध्यान में रखकर आपसी फायदे वाली साझेदारी बनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं : सुब्रह्मण्यम जयशंकर मेट्रो रेल यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का लें सहयोग : सीएम मोहन यादव फ्रेंच ओपन : मीरा आंद्रीवा ने रोका मार्ता कोस्त्युक का विजयरथ, पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश इंटरनेशनल आईडीईए के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार ने भूटान की चुनाव आयुक्त से की मुलाकात समृद्ध महाराष्ट्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी लाएं : सीएम देवेंद्र फडणवीस

 

हरीश रावत को बहुमत साबित करने का मौका, केंद्र हैरान

Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

देहरादून , 29 Mar 2016

Last updated on: Mar 29, 2016, 00:00 IST

उत्तराखंड में दो दिन पहले सत्ता से हटाई गई कांग्रेस सरकार को उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बड़ी राहत दे दी। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने के खिलाफ कांग्रेस की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता हरीश रावत से 31 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा। इस बीच राष्ट्रपति शासन जारी रहेगा। फैसल से हैरान केंद्र सरकार ने कहा है कि वह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने के बारे में विचार कर रही है। राष्ट्रपति शासन की घोषणा की समीक्षा न्यायपालिका के जरिये नहीं की जा सकती। 

केंद्र सरकार ने गत रविवार को ही मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व वाली राज्य की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाया दिया था, जबकि एक दिन बाद यानी सोमवार को रावत को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना था।रावत द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि उन सभी नौ विधायकों, जिन्हें अध्यक्ष ने अयोग्य घोषित कर दिया है, उन्हें विधानसभा में होने वाले मतदान में शामिल होने की मंजूरी होगी।न्यायालय ने कहा कि मतदान का परिणाम एक अप्रैल को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। न्यायालय ने अपने महापंजीयक को विधानसभा में मतदान पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहने को भी कहा है। अदालत के इस फैसले से उत्साहित रावत ने अपना बहुमत साबित कर देने का विश्वास जताया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा, "हमलोग सदन में 31 मार्च को अपना बहुमत साबित कर देंगे।"

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह उनकी सरकार को किसी भी कीमत पर गिरा देना चाहते थे, भले ही लोकतंत्र व संविधान की हत्या क्यों न करनी पड़े। कांग्रेस प्रवक्ता व अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दो दिनों तक व्यापक बहस के बाद न्यायालय का यह फैसला आया है।उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "उच्च न्यायालय ने उस तर्क को स्वीकार किया, जिसमें राष्ट्रपति शासन के बावजूद बहुमत साबित करने की मंजूरी के लिए न्यायिक समीक्षा की पर्याप्त गुंजाइश है।"उन्होंने कहा, "विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाकर राष्ट्रपति शासन लागू करने व बहुमत साबित करने की प्रक्रिया को रोके जाने को न्यायसंगत नहीं ठहराता।"

सिंघवी ने कहा कि न्यायालय ने अयोग्य ठहराए गए विधायकों को मतदान में शामिल होने की मंजूरी दी है, लेकिन उनके मतों पर अलग से विचार किया जाएगा।न्यायालय के इस फैसले से सन्न भाजपा ने कहा कि यह कांग्रेस की जीत की बात नहीं है। पार्टी ने राष्ट्रपति शासन के दौरान बहुमत साबित करने का मौका देने के न्यायालय के फैसले को 'अप्रत्याशित' करार दिया।भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा, "राष्ट्रपति शासन के दौरान इस तरह का आदेश अप्रत्याशित है।"उत्तराखंड में राजनीति संकट तब पैदा हुआ, जब पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित कांग्रेस के नौ विधायकों ने हरीश रावत के खिलाफ बगावत कर दी और भाजपा के पाले में चले गए।

यह संकट 18 मार्च को तब और गहरा गया, जब विधानसभा ने विनियोग विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया, जबकि सदन के आधे से अधिक सदस्यों ने इस पर मत विभाजन की मांग की। कांग्रेस के बागी विधायकों ने भाजपा के मत विभाजन की मांग का समर्थन किया, जिसे अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल ने खारिज कर दिया। राज्य के 70 सदस्यों वाले सदन में कांग्रेस के पास नौ बागी विधायकों सहित 36 विधायक हैं। भाजपा के पास 28 हैं। अन्य छह विधायक छोटे दलों के हैं। बताया जाता है कि वे कांग्रेस का समर्थन करेंगे। कांग्रेस के बागी विधायकों को शनिवार को अयोग्य घोषित कर किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात कैबिनेट की आपात बैठक बुलाकर फैसला लिया और रविवार से उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। विधानसभा को हालांकि भंग न कर निलंबित रखा गया। सोमवार को भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर बहुमत साबित करने का दावा किया। ढोल-नगाड़े बजाए गए, लेकिन अदालत ने मौका कांग्रेस को दिया, भाजपा को नहीं।

 

Tags: Harish Rawat , High Court

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD