लुधियाना कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलाजी, कटानी कलां, लुधियाना में पंजाब टैक्नीकल युनिवर्सिटी के कालेजों के अध्यापकों के लिए दो दिवसीय फैकल्टी डिवेल्पमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस सैमिनार का विषय विश्व स्तर पर उत्पादन के स्तर व इसके अर्थ व्यवस्था पर पडऩे वाले प्रभावों पर विचार विमर्श करना था। इस दो दिवसीय फैकल्टी डिवेल्पमेंट प्रोग्राम में उद्यौग जगत के माहिरों ने अपने कीमती विचार व्यक्त किए। पहले दिन हीरो गु्रप मैनेजमेंट के सीनियर अधिकारी ओ पी डोगरा, महिन्दरा एंड महिन्द्रा के इंजीनियर एस के अरोड़ा, आईआईटी रुडकी के पूर्व प्रो. डा सुरेन्द्र सिंह व इंजीनियर वाई एन गुप्ता ने अध्यापकों को कई अहम विषयों बारे जानकारी दी। ओ पी डोगरा ने अध्यापकों के साथ किसी उत्पादन की क्वालिटी से ग्राहकों का विश्वास जीतने की जरुरत पर बल देते हुए 14 महत्वपूर्ण तरीके शेयर किए। जबकि महिन्द्रा एंड महिन्द्रा इंजीनियर एस के अरोड़ा ने अध्यापकों को विश्व स्तर पर तकनीकों में आ रहे बदलावों से अप टू डेट रहने और छात्रों को आज के बदलावों से अवगत करवाने पर बल दिया।
दूसरे दिन नवीन कुमार ने अध्यापकों को विश्व क्वालिटी स्टेंडर्ड के स्तर आईएसओ/टी एस 16949 एपीक्यूपी- पीपीएपी जैसे स्र्टीफिकेशन संबंधी अवगत करवाते हुए इसे लागू करने की जरुरत संबंधी बताया। जबकि डा सुरेन्द्र सिंह ने अध्यापकों को लोहा, स्टील सहित कई अहम धातुओं के उत्पादन व उनकी विश्व स्तर पर होने वाली मार्केटिंग व खप्त संबंधी जानकारी दी। अंत में इंजीनिय वाई एन गुप्ता ने सफल लोगों की अच्छी आदतें सीखने के गुणों की आदत डालने की नीति बनाने के लिए बल देते हुए सफलता के गुणों संबंधी जानकारी दी।इस अवसर पर एलसीईटी के चेयरमैन विजय गुप्ता ने अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि अध्यापक वर्ग को छात्रों को हर तरह की जानकारी देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उसके लिए नई चीजें सीखनी चाहिए ताकि वे अपने छात्रों को भी अप टू डेट रख सकें। इसके साथ ही उन्होंने एक अच्छे अध्यापक के लिए उच्च चरित्र, पढ़ाने के नए तरीके अपनाने और टीम वर्क जैसे विषयों बारे विचार व्यक्त किए।चेयरमैन गुप्ता ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह के फैकल्टी प्रोग्राम होते रहने चाहिए, जो उद्यौग जगत व शैक्षिक संस्थाओं को जोडऩे के लिए एक पुल का कार्य करते हैं और शैक्षिक संस्थाओं को भी उद्यौग जगत की जरुरतें समझते हुए भविष्य के मैनेजर व इंजीनियर तैयार करने का अवसर मिलता है। उन्होंने एक अध्यापक को अपने छात्र का मनोबल ऊंचा रखने के लिए प्रेरित किया।