दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर का आज सिख भाईचारे द्वारा जंतरमंतर पर पुतला जलाया गया। दरअसल गत् दिवस केजरीवाल और टाइटलर की कथित मुलकात दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन द्वारा करवाने का फोटो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद दिल्ली का सिख भाईचारा गुस्से में है। आज दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली ईकाई के प्रधान मंजीत सिंह जीके नेतृत्व में 1984 सिख कत्लेआम के पीडि़त परिवारों के सैंकड़ों सदस्यों ने गुरूद्वारा बंगला साहिब से जंतरमंतर तक न्याय मार्च निकालते हुये इस कथित मुलाकात में शामिल तीनों नेताओं की भूमिका की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की। इससे साथ ही आज टाइटलर केस की सुनवाई कड़कडड़ूमा कोट में होने के कारण अकाली दल द्वारा कोर्ट के बाहर एक प्रर्दशन पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह शंटी के नेतृत्व में किया गया।
जीके ने सवाल किया कि प्रत्येक मसले पर टवीट् करने वाले और पंजाब जाकर सिखों के साथ हमदर्दी का स्वांग रचने वाले केजरीवाल इस मुलाकात पर चुप क्यों हैं? जबकि इस मुलाकात के बाद दिल्ली सरकार द्वारा 1984 के न्याय के लिए बनाई गई एसआईटी की फाइल गुम हो गई है। केजरीवाल द्वारा परसों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टाइटलर के खिलाफ लिखे गये पत्र को जीके ने सिखों की आंखों में केजरीवाल द्वारा आखों में धूल झौंकने का आखिरी प्रयास भी बताया। जीके ने कहा कि 14 जनवरी, 2016 को पंजाब में माघी मेले दौरान केजरीवाल ने पंजाब के मु यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल का ताया प्रधानमंत्री मोदी को बताते हुये मोदी से ना डरने का दावा किया था परंतु आज की मज़बूरी हो गई है कि उस ताऊ की केजरीवाल को अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिए जरूरत पड़ गई। जीके ने स्पष्ट किया कि अब केजरीवाल द्वारा टाइटलर की गिरफतारी की मांग प्रधानमंत्री को करना किसी भी ढंग से टाइटलर के साथ हुई अपनी मुलाकात के जिन्न को दबाने की वह नाकामयाब कोशिश है जिसको अकाली दल किसी ाी कीमत कामयाब नही होने देगा। केजरीवाल के साथियों द्वारा लगातार सिख इतिहास और श्री अकाल त त पर विचारधारक रूप में किये जा रहे हमलों को बर्दाश्त ना करने की भी जीके ने आम आदमी पार्टी को चेतावनी दी।
कमेटी के पूर्व प्रधान अवतार सिंह हित ने मौजूदा सरकार को शीघ्र कत्लेआम का न्याय देने की अपील करते हुये न्याय ना मिलने की सूरत में पूर्व कांग्रेस सरकार के विरूद्ध अकाली दल द्वारा छेड़े गये सियासी जेहाद को भाजपा के विरूद्ध दोहराने की चेतावनी दी। 1984 के सिख कत्लेआम की विधवाओं द्वारा पुतलों को आग के हवाले करने से पहले जुतों से उनकी पिटाई भी की गई। प्रर्दशनकारियों ने जंतरमंतर पर प्रर्दशन की समाप्ति के पश्चात लंगर भी छका।इन प्रर्दशनों में दिल्ली कमेटी के उपाध्यक्ष सतपाल सिंह, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह पप्पू, दिल्ली कमेटी के कुलमोहन सिंह, तनवंत सिंह, गुरविंदर पाल सिंह, कैप्टन अमरिंदर प्रीत सिंह, चमन सिंह, गुरदेव सिंह भोला, हरविंदर सिंह केपी, हरदेव सिंह धनोआ, गुरबचन सिंह चीमा, जितेंद्रपाल सिंह गोल्डी सहित बड़ी सं या में सिख संगत भी मौजूद थे।