हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में 163 सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाईन उपलब्ध करवाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनमें से अभी तक 23 सेवाओं को ऑनलाईन किया जा चुका है।मुख्यमंत्री आज करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के सभागार में हरियाणा मानवाधिकार आयोग द्वारा आयोजित मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता व सुशासन विषय पर आयोजित कार्यशाला में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि फाईल ट्रैकिंग सिस्टम आरम्भ किया गया है, जिससे कार्य में गति आई है। उन्होंने कहा कि हमे सर्वजन हिताय:, सर्वजन सुखाय: के सिद्धांत पर चल कर मानव कल्याण के लिए कार्य कर सकते है।उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों के कार्यकाल में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग कर व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने की ओर कदम उठाए गए है। इस कड़ी में सकारात्मक परिणाम भी हमारे सामने आ रहे है। सीएम विंडो, ई-रजिस्ट्रेशन, ई-स्टैपिंग, ई-सेवाएं प्रणाली आरम्भ की गई है। अब सीएम विंडो जैसी व्यवस्थाएं इसके लिए लागू की है ताकि कोई भी व्यक्ति कहीं से भी अपनी शिकायत सरकार को भेज सकता है,उसे कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज की कल्पना के तहत सरकार कार्य कर रही है। अंतोदय अर्थात अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उदय कर उसे आगे बढ़ाना सरकार का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि योग्य व्यक्ति को मेरिट आधार पर नौकरियां दी जाएंगी तथा अयोग्य व्यक्ति का चयन नहीं होगा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों से 50 हजार रिक्त पदों के मांगपत्र मांगे गए है,जिनमें से 30 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। पुलिस भर्ती में केन्द्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिशों के अनुरूप पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू की जा रही है और उम्मीदवारों के चयन में अधिक से अधिक वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी ताकि चयन प्रक्रिया के संबंध में किसी को कोई संदेह न हो। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग में कमजोर व्यक्ति होते है,सभी को समान अवसर उपलब्ध करवाना है और उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2.50 करोड़ जनसंख्या उनका परिवार है, हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों की सुनवाई के लिए सीएम विंडो जैसी सुविधाएं दी गई है,इसके अलावा पत्र लिखकर भी शिकायतें व सुझाव दे सकते है। अगर फिर भी कोई संतुष्ट नहीं है तो मानवाधिकार आयोग के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकते है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं हो,इसके लिए आदर्श ग्राम योजना शुरू की गई है। बच्चों के लिए गांव में अच्छी शिक्षा व चिकित्सा की सुविधा हो,इसके लिए कार्य किया जा रहा है। हर गांव में व्यायामशालाएं खोली जा रही है ताकि वहां के बच्चे भी शहरों के बच्चों की तरह अपनी इच्छा के अनुरूप खेल गतिविधियां कर सके। इसके अलावा ग्राम सचिवालय खोले जा रहे है ताकि गांवों में भी इंटरनेट के माध्यम से ऑन लाईन की सुविधा मिल सके जिससे उन्हें शहर में आने की आवश्यकता नहीं होगी।इस अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,रेलवे रोड़ करनाल की छात्राओं द्वारा मानवाधिकार सरंक्षण पर एक मार्मिक लघु नाटिका प्रस्तुत की,जिसकी सभी ने सराहना की। हरियाणा सूचना जनसम्पर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के कलाकारों द्वारा भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन की पहल पर एक शानदान गीत प्रस्तुत किया गया। जिसकी उपस्थित लोगों ने मुग्धमुंह से प्रशंसा की।हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विजेन्द्र जैन ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अपने सम्बोधन में मानवाधिकार आयोग के गठन से लेकर अब तक की विभिन्न गतिविधियों पर विस्तार से प्रस्तुति दी।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1948 में मान्यता दी गई थी। भारत में यह 1993 में लोक सभा में अधिनियम बनने के बाद अस्तित्व में आया। हरियाणा में मानवाधिकार आयोग का गठन सितम्बर 2012 में किया गया था और इन तीन वर्षो में आयोग ने अन्य राज्यों की तुलना में बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विश्व को मानवाधिकार का संदेश हमारे ऋग्वेद,महाभारत व रामायण जैसे ग्रन्थों में भी है। उन्होंने कहा कि सुशासन पारदर्शी,जवाबदेही, प्रभावी, भेदभाव रहित तथा भ्रष्टाचार मुक्त होना चाहिए। उन्होंंने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की भ्रष्टाचार में जीरो टोलरेंस नीति की सराहना की और उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का विजन सुशासन के प्रति समर्पित है।उन्होंने कहा कि आयोग को अब तक 3800 शिकायते मिली है,जिनमें से 2600 से अधिक का निपटारा किया जा चुका है। आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति एच.एस भल्ला ने भी अपने सम्बोधन में कहा कि स्वच्छ प्रशासन व सुशासन एक दूसरे से जुड़े होते है। सुशासन का अर्थ है कि अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में समय के पाबंद हो और लोगों के लिए सदैव मौजूद हो।
इस मौके पर पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंगल ने अपने सम्बोधन में कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति पुलिस हमेशा से संवेदनशील रही है। पुलिस ही सबसे अधिक लोगों की रक्षा करती है। पुलिस भर्ती में केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सिफारिश की गई वैज्ञानिक तरीके से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने की पहल की है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले तीन वर्षो में हम हरियाणा पुलिस की कायाकलप कर देंगे। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस थानों को संचालित किया गया है,कईं शहरों में महिलाओं से अधिक छेड़छाड़ होने की सम्भावनाओं के स्थलों के रूप में चिन्हित किया गया है।इस अवसर पर मुख्यसंसदीय सचिव स०बख्शीश सिंह,मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा, घरौडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण,मुख्यमंत्री, नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता,एनडीआरआई के कुलपति डा ऐ.के.श्रीवास्तव सहित अनेक वरिष्ठï अधिकारियों ने भाग लिया।