भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) ने बुधवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत और सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर की मौजूदगी में मैसर्स मोटिवेशन चैरिटेबल ट्रस्ट यू.के. के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। प्रौद्योगिकी के इस हस्तांतरण की मदद से एलिम्को देश भर में फैले अपने विस्तृत नेटवर्क से नि:शक्तजनों के लिए सस्ती और किफायती व्हील चेयर का निर्माण करेगा। तकनीकी रूप से उन्नत व्हील चेयर्स के उत्पादन से नि:शक्तजन को देश के किसी भी हिस्से में स्वतंत्रतापूर्वक आने-जाने में मदद मिलेगी। इससे 'मेक इन इंडिया' के सपने को सच करने में भी मदद मिलेगी।
इस समझौते से एलिम्को और मैसर्स मोटिवेशन यू.के. को डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देशों के मुताबिक सस्ती और अत्याधुनिक चेयर्स उत्पादित करने के लिए साथ काम करने का अवसर प्रदान करेगा। समझौता ज्ञापन के अनुसार, मैसर्स मोटिवेशन यू.के., डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देशों के अनुसार व्हील चेयर्स के विनिर्माण के लिए एलिम्को को प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करेगा। इस प्रौद्योगिकी के जरिए डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के हिसाब से ऊबड़खाबड़ भूमि के लिए व्हील चेयर, सीपी चेयर्स और एडजस्टेबल व्हील चेयर का निर्माण किया जाएगा। एलिम्को के सीएमडी डी. आर. सरीन और मैसर्स मोटिवेशन यू.के. के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड फ्रॉस्ट के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के विकलांग जन सशक्तिकरण विभाग के सचिव लव वर्मा और संयुक्त सचिव अवनीश कुमार अवस्थी भी उपस्थित थे।