भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना संजोकर राजनीति के अखाड़े में उतरे अरविंद केजरीवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके सुर्खियों मंे रहने की वजह वह खुद नहीं, बल्कि उनके ऊपर लिखी जा रही किताब है। इसे उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी और आईजी अमिताभ ठाकुर व उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर मिलकर लिख रहे हैं। केजरीवाल पर लिखी जा रही यह किताब उनके व्यक्तित्व, प्रेरणास्रोत, उद्भव, निर्माण, सत्यता और उनके जीवन तथा संघर्ष के इर्द-गिर्द आधारित होगी।ठाकुर दंपति का कहना है कि अरविंद केजरीवाल पिछले कुछ वर्षो में भारत में घटने वाली कुछ सबसे विचित्र घटनाओं में एक हैं। एक आईआईटीयन, एक आईआरएस अफसर, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक भ्रष्टाचार विरोधी नेता, एक राजनेता, एक मुख्यमंत्री, एक संभावित प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रत्याशी और इन सभी चीजों का एक मिला-जुला स्वरूप।
केजरीवाल लंबे समय से विभिन्न रूपों में सक्रिय थे, पर उनका व्यापक स्तर पर एक 'पब्लिक फिगर' के रूप में प्रादुर्भाव 2011 में तब हुआ जब उन्होंने अन्ना हजारे तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर जन लोकपाल आंदोलन शुरू किया। तब से केजरीवाल लगातार अपने कृत्यों और अकृत्यों के कारण किसी न किसी प्रकार से राष्ट्रीय घटनाचक्र के केंद्रबिंदु रहे हैं।ठाकुर दंपति के मुताबिक, एक समय था जब केजरीवाल ज्यादातर लोगों द्वारा हीरो समझे जाते थे और उनके बहुत ही कम निंदक थे, लेकिन आज उनके बड़ी संख्या में मित्र भी हैं और शत्रु भी, प्रशंसक भी हैं और निंदक भी। ऐसे भी कई लोग हैं जो कहते हैं कि वे अब हमेशा के लिए चूक गए हैं, जबकि ऐसे तमाम लोग हैं जो यह मानते हैं कि उनकी पूरी प्रतिभा का अभी तक प्रस्फुटन नहीं हुआ है। वह तप रहे हैं, आने वाले दिनों में और निखरेंगे। ठाकुर दंपति के मुताबिक, केजरीवाल का व्यक्तित्व अपने आप में ध्यानाकर्षक है। वह हाजिरजवाब हैं, तीक्ष्ण-बुद्धि, मुद्दे खोजने और उठाने की कला, चारों तरफ रहस्य और विवादों का ताना-बाना, सब कुछ आकर्षित करता रहा है पढ़े-लिखे से लेकर अनपढ़ तक को, राजनीति के माहिरों से लेकर हाशिये पर छूटे आखिरी व्यक्ति तक को। उनके व्यक्तित्व के इन्हीं सब गुण-अवगुणों को ध्यान में रखते हुए आईपीएस अधिकारी अमिताभ और जनहित याचिकाओं के लिए चर्चित डॉ. नूतन ने केजरीवाल पर पूरी गहराई, व्यापक और ईमानदार दृष्टिकोण के साथ पुस्तक लिखने का निर्णय लिया है।