आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने फरवरी में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बुधवार को माफी मांगी। उन्होंने दिल्ली में विधानसभा चुनाव कराने की भी मांग की। केजरीवाल ने कहा, "दिल्ली में सरकार बनाने के आसार बेहद नगण्य है। इस स्थिति में बैठक आयोजित करने का कोई मतलब नहीं है। हमने तय किया है कि हम चुनाव की तैयारी करेंगे।"यह घोषणा केजरीवाल के आवास पर पार्टी नेताओं की हुई बैठक के बाद की गई। केजरीवाल ने अपने 49 दिनों की सरकार का उल्लेख करते हुए कहा, "हमने एक गलती की है और हम इसके लिए माफी मांगते हैं।"केजरीवाल का यह बयान मंगलवार को उपराज्यपाल नजीब जंग से एक सप्ताह तक विधानसभा भंग न करने की उनके द्वार की गई अपील के एक दिन बाद आया है। उन्होंने जंग को लिखे पत्र में कहा था आप सरकार बनाने के लिए राज्यभर में आम सभा करना चाहती है।
आप ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार शुरुआत की थी और 70 सदस्यीय विधानसभा की 28 सीटें जीती थी, लेकिन बहुमत न मिल पाने के कारण कांग्रेस के आठ सदस्यों ने आप को बाहर से समर्थन दिया था।दो निर्दलीय विधायकों ने भी आप को समर्थन दिया था, लेकिन जनलोकपाल विधेयक पारित कराने में असफल रहने पर 14 अप्रैल को केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू है, लेकिन विधानसभा भंग नहीं किया गया है। आप ने राज्य में चुनाव कराए जाने की मांग की है। लेकिन दिल्ली की सभी सात संसदीय सीटें भाजपा द्वारा जीत लिए जाने पर परिस्थिति बदल गई है। कांग्रेस जहां सभी सातों सीटों पर तीसरे स्थान पर रही, आप के कुछ विधायकों ने आप की सरकार बनाने की इच्छा जाहिर की।
शुरुआत में आप नेतृत्व इससे इंकार करता रहा, लेकिन पार्टी के कुछ विधायकों ने सरकार बनाने की संभावना की तलाश के लिए दबाव बनाना शुरू किया। केजरीवाल ने बुधवार को कहा, "लोकसभा चुनाव की समाप्ति के बाद, मैं दिल्ली में घूम रहा हूं जहां लोग मेरे पास आए हैं और कहा कि हमने गलती की है और हमें यह गलती नहीं दोहरानी चाहिए।"केजरीवाल ने कहा, "जनता ने हमसे सरकार बनाने और उन्हें राहत देने की मांग की है। वर्ना वे हमें माफ नहीं करेंगे।"केजरीवाल ने कहा कि वह दिल्ली में बैठकें करेंगे। उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली की जनता से माफी मांगूंगा और पूर्ण बहुमत देने की मांग करूंगा, ताकि हम पांच साल के लिए सरकार बना सकें। हम भ्रष्टाचार मुक्त सरकार बनाएंगे।"इधर, कांग्रेस ने कहा कि वह आप को सरकार बनाने के लिए किसी भी कीमत पर समर्थन नहीं देगी। कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने आईएएनएस से कहा, "आप की कलई खुल गई है। केजरीवाल बेहद पाखंडी इंसान हैं। एक तरफ आप हमारे समर्थन के लिए हमारे पीछे पड़े हुए हैं और दूसरी तरफ जनता से कहते हैं कि आप चुनाव चाहते हैं।"भाजपा नेता हर्षवर्धन ने आईएएनएस से कहा, "हम दिल्ली में चुनाव के लिए तैयार हैं और हम दिसंबर में चुनाव के परिणाम निकलने के बाद से यह बात कह रहे हैं। हम आप या कांग्रेस क्या करती है, इसको लेकर चिंतित नहीं हैं। चुनाव ही एकमात्र विकल्प है।"