पंजाब में मानसून के आगमन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर राज्य में संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए किए गए इंतजामों, विशेष रूप से नालों और ड्रेनों की सफाई में कथित लापरवाही को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।
ढिल्लों ने अपने पत्र में लिखा कि मानसून सिर पर है और पंजाब के लोगों में एक बार फिर भय का माहौल बन गया है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार विभिन्न नदियों के तटबंधों में दरारें पड़ने तथा नहरों और रजवाहों में कटाव होने की घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल निकासी के नालों और ड्रेनों की सफाई अब तक पूरी नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि शहरों के नाले और गांवों की ड्रेनें गाद, प्लास्टिक और गंदगी से भरी पड़ी हैं। ढिल्लों ने चेतावनी दी कि यदि पहली ही भारी बारिश में शहरों या गांवों में जलभराव अथवा बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के तहत पंजाब को 481.6 करोड़ रुपये जारी किए थे।
इसमें पंजाब सरकार का 160.8 करोड़ रुपये का अंश जोड़ने पर कुल राशि 642.4 करोड़ रुपये बनती है, जो सीधे तौर पर बाढ़ राहत, तटबंधों की मरम्मत और आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि वे बताएं कि 642.4 करोड़ रुपये कहां खर्च किए गए, किन तटबंधों को मजबूत किया गया, किन नालों की सफाई कराई गई और इस राशि का लाभ कितने प्रभावित लोगों तक पहुंचा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समय पर धनराशि जारी कर दी थी, अब पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए कि यह पैसा आखिर कहां गया। ढिल्लों ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और हर बार की तरह अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिश न करें।