भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी के नेतृत्व में सेक्टर-125, खरड़ स्थित 142 एकड़ के मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट न्यू सनी एन्क्लेव की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को एसडीएम सह प्रशासक, नगर परिषद खरड़ गुरमीत सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात कर हजारों निवासियों द्वारा झेले जा रहे गंभीर पेयजल संकट के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।जोशी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष सरदार पवित्तर पाल सिंह, रामकृष्ण कटारिया, सरदार हरमेल सिंह, कैप्टन इंद्रजीत सिंह, तिरलोक सिंह सोखी, सेवक सिंह (पूर्व पीसीएस), सुदेश कुमार धूना, डॉ. शशि तथा जग्गा सिंह चौहान शामिल थे।
जोशी ने एसडीएम को बताया कि पंजाब की सबसे बड़ी स्वीकृत आवासीय कॉलोनियों में से एक होने के बावजूद न्यू सनी एन्क्लेव के निवासी पिछले कई वर्षों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में जब कॉलोनी की आबादी काफी कम थी, तब केवल दो ट्यूबवेल लगाए गए थे। समय के साथ आबादी कई गुना बढ़ गई, लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था में कोई विस्तार नहीं किया गया, जिसके कारण पानी की आपूर्ति अपर्याप्त और अनियमित हो गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मौजूदा मोटरों में से एक अक्सर खराब हो जाती है और स्टैंडबाय मोटर उपलब्ध न होने के कारण कई दिनों तक जलापूर्ति बाधित रहती है। उन्होंने पेयजल की गिरती गुणवत्ता पर भी चिंता जताते हुए कहा कि पानी में अत्यधिक मात्रा में निलंबित कण पाए जाते हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।जोशी ने कहा कि पिछले कई वर्षों में विभिन्न विभागों, जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों तथा सरकारी अधिकारियों को कई बार ज्ञापन और शिकायतें देने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
उन्होंने एसडीएम से आग्रह किया कि सरकार द्वारा पहले से स्वीकृत तीनों ट्यूबवेलों को तत्काल स्थापित कराया जाए ताकि निवासियों को सुरक्षित एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके।प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि सरकार कॉलोनी के नागरिक बुनियादी ढांचे का अधिग्रहण (टेकओवर) शीघ्र पूरा करे तथा उसके उचित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि निवासी नियमित रूप से करों का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि वर्षों से लंबित इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो निवासियों को अपने पेयजल के मूल अधिकार के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होना पड़ेगा। एसडीएम गुरमीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी तथा संबंधित विभागों के समन्वय से निवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।