भारत की मिनर्वा अकादमी ने यूरोपीय धरती पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करते हुए प्रतिष्ठित हेलसिंकी कप-2026 का खिताब जीत लिया। फाइनल में मिनर्वा ने मेजबान फिनलैंड की मजबूत टीम और टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार एचजेके को रोमांचक मुकाबले में 1-0 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। ग्रुप चरण में मिली करीबी हार का बदला लेते हुए भारतीय टीम ने शानदार रक्षात्मक खेल और बेहतरीन रणनीति का प्रदर्शन किया।
रोमांचक फाइनल में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर
भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू हुए फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों पक्षों ने मजबूत डिफेंस के साथ खेलते हुए एक-दूसरे को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। मिनर्वा ने मिडफील्ड पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और प्रभावी प्रेसिंग के जरिए एचजेके के तेज काउंटर अटैक को लगातार विफल किया। दोनों टीमों ने कई आक्रमण किए, लेकिन पहले हाफ तक कोई भी गोल नहीं हो सका और स्कोर 0-0 रहा।
37वें मिनट में रिमोसन ने किया निर्णायक गोल
दूसरे हाफ में मुकाबला और रोमांचक हो गया। दोनों टीमें बढ़त हासिल करने के लिए लगातार आक्रमण करती रहीं। मैच का निर्णायक पल 37वें मिनट में आया, जब मिनर्वा के स्टार फॉरवर्ड रिमोसन ने तेज आक्रमण का शानदार फायदा उठाया। उन्होंने एचजेके के डिफेंस को चकमा देते हुए बेहतरीन फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और मिनर्वा को 1-0 की बढ़त दिला दी।
गोल खाने के बाद एचजेके ने अंतिम मिनटों में बराबरी के लिए पूरा जोर लगा दिया और लगातार हमले किए, लेकिन मिनर्वा की मजबूत रक्षा पंक्ति हर चुनौती के सामने दीवार बनकर खड़ी रही। खिलाड़ियों ने अनुशासित डिफेंस का शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम को कोई मौका नहीं दिया। अंतिम सीटी बजते ही मिनर्वा के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने मैदान पर ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। इस जीत के साथ मिनर्वा अकादमी ने हेलसिंकी कप-2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर भारतीय फुटबॉल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और बड़ी उपलब्धि दिलाई।