Thursday, 16 July 2026

 

 

खास खबरें ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने मुख्यमंत्री सहायता केंद्र, धूरी में सुनीं लोगों की समस्याएं केवाईसी के नाम पर वृद्धावस्था एवं सहारा पेंशन रोकने से बाज आए सरकार : जयराम ठाकुर महाराजा रणजीत सिंह प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के 25 कैडेट पिछले तीन महीनों में रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों के लिए चयनित गुलाब चंद कटारिया और जयंत चौधरी ने 1,044 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र सीएम सम्राट चौधरी ने लॉन्च की 'बिहार स्कूल लाइव क्लासेज' मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हुए: जीवनजोत कौर 1 अगस्त को एक बार फिर माताओं और बेटियों के खातों में राशि जमा होने संबंधी संदेश उनके मोबाइल फोन पर प्राप्त होंगे: हरभजन सिंह ई.टी.ओ. रांची में स्वामी जगन्नाथ की 335वीं ऐतिहासिक रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब हार या असफलता के डर को मन से निकालकर निरंतर मेहनत करें विद्यार्थी : डॉ. हिमांशु अग्रवाल आईसीएआर ने 98वां स्थापना दिवस मनाया 50,000 रुपये की रिश्वत लेते सहकारी सभा के इंस्पेक्टर को विजिलेंस ने रंगे हाथ काबू किया डॉ. बलजीत कौर ने अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज के विद्यार्थियों से किया विशेष संवाद एचपी शिवा क्लस्टर में सिंचाई व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करें, परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी: केवल सिंह पठानिया राजनाथ सिंह ने बीआरओ के रणनीतिक बुनियादी ढांचे के विकास की सराहना की जरीना वहाब : जिस लड़की को कभी रंग-रूप की वजह से ठुकराया गया, वही बनी बासु चटर्जी की हीरोइन ’माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे मनरेगा कर्मचारियों की जायज़ मांगों का सहानुभूतिपूर्वक समाधान किया जाएगा : तरुनप्रीत सिंह सौंद कानन देवी : अपने दौर की सुपरस्टार जो एक समय हुईं बेघर, फिर परदे पर ऐसा जादू बिखेरा कि सबको बना लिया अपना दीवाना चितकारा यूनिवर्सिटी ने बाहा एस.ए.ई. इंडिया के साथ भविष्य की मोबिलिटी पर किया रणनीतिक मंथन झारखंड के लातेहार में ट्रक की टक्कर से जीजा-साले की मौत कुल्लू, ऊना, बिलासपुर, सोलन सहित आठ अस्पतालों में लगेंगी 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें

 

सीपी राधाकृष्णन ने 18वीं बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए अभिविन्यास-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया

उपराष्ट्रपति ने बिहार को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का 'मार्गदर्शक' बताया

CP Radhakrishnan, Chandrapuram Ponnusami Radhakrishnan, Vice President of India, BJP, Bharatiya Janata Party, Samrat Choudhary, BJP Bihar, Chief Minister of Bihar, Gaya Ji
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

गयाजी , 11 Jul 2026

Last updated on: Jul 13, 2026, 10:58 IST

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज बिहार के गयाजी स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बीआईपीएआरडी) में 18वीं बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए दो दिवसीय अभिविन्यास-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के पीठासीन अधिकारियों और लोकसभा सचिवालय स्थित संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (पीआरआईडीई) की इस पहल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विधायकों को उनके संवैधानिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सक्षम बनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करते हैं।

गयाजी में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि इस पहल ने प्रतीकात्मक रूप से "पटना को गयाजी तक ला दिया है"। वैशाली गणराज्‍य की प्राचीन परंपराओं का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र की जड़ें भारत में गहरी हैं, जिसे सही मायने में "लोकतंत्र की जननी" कहा जाता है। उन्होंने बिहार को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का "मार्गदर्शक" बताया और विधायकों से इसकी गौरवशाली विरासत को कायम रखने का आग्रह किया।

भगवान बुद्ध की भूमि से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा ज्ञान इस बात को समझने में निहित है कि जन प्रतिनिधियों को शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए चुना जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत संभव नहीं है और विधायकों से बिहार को रोजगार और विकास का केंद्र बनाने और अन्य राज्यों से प्रवासी श्रमिकों को आकर्षित करने के लिए अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

लोक नायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में संपूर्ण क्रांति आंदोलन से अपने जुड़ाव को साझा करते हुए श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि इस आंदोलन ने उनकी राजनीतिक यात्रा की नींव रखी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के आंदोलन में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका को भी याद किया।

विधायकों को याद दिलाते हुए कि चुनाव दलगत आधार पर लड़े जाते हैं, लेकिन शासन को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठना चाहिए, उन्होंने कहा कि चुनाव वोटों से जीते जाते हैं, लेकिन जनता का सम्मान और विश्वास केवल निस्वार्थ सेवा से अर्जित किया जाता है, सत्ता से नहीं। उन्होंने कहा कि बनाया गया हर कानून, उठाया गया हर प्रश्न और भाग लिया गया हर वाद-विवाद अनगिनत लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की क्षमता रखता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन संविधान और जन कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, “विधानसभा में विचार भिन्न हो सकते हैं, लेकिन संविधान हमारा साझा मार्गदर्शक बना रहना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि स्वस्थ वाद-विवाद लोकतंत्र को मजबूत करता है, जबकि रचनात्मक सहयोग राष्ट्र को आगे बढ़ाता है। 

प्रश्नकाल, शून्यकाल और कार्य सलाहकार समिति के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने सदस्यों से विधायी कार्य को सुचारू और उत्पादक रूप से संचालित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ये संसदीय प्रक्रियाएं प्रत्येक विधायक को दलीय हितों से परे अपने निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों को उठाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं। सतत अधिगम के महत्व पर जोर देते हुए, श्री सीपी राधाकृष्णन ने विधायकों को सदन की कार्यवाही में भाग लेने से पहले पूरी तैयारी करने और विधायी प्रक्रियाओं, समिति प्रणालियों और संसदीय परंपराओं की अच्छी समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने सदस्यों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और नेशनल ई-विधान एप्‍लीकेशन (नेवा) जैसी डिजिटल विधायी पहलों जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने का भी आह्वान किया ताकि विधायी कार्यप्रणाली अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बन सके। उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति में धैर्य और दृढ़ता की आवश्यकता होती है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय उन्‍होंने ऐसी सराकर का नेतृत्‍व किया जो केवल सात दिन तक चली। इसके बावजूद वे बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले व्यक्ति बने। राजनीति की तुलना टेस्ट क्रिकेट से करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता धैर्य, दृढ़ता और सही अवसरों को चुनने से मिलती है।

अपने संबोधन के समापन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक सोच-समझकर किया गया हस्तक्षेप नीति को बदल सकता है, एक सुविचारित कानून पीढ़ियों का कायापलट कर सकता है और एक करुणापूर्ण निर्णय अनगिनत नागरिकों में आशा जगा सकता है। उन्होंने कहा, “नेतृत्व की सच्ची पहचान सदन के अंदर मिलने वाली तालियों से नहीं, बल्कि सदन के बाहर जनता में पैदा हुए विश्वास से होती है।” उन्होंने 18वीं बिहार विधानसभा के सभी सदस्यों को सफल मार्गदर्शन और विधायी यात्रा की शुभकामsनाएं दीं।

इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष श्री अवधेश नारायण सिंह, बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र नारायण यादव, बिहार विधानमंडल के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

Tags: CP Radhakrishnan , Chandrapuram Ponnusami Radhakrishnan , Vice President of India , BJP , Bharatiya Janata Party , Samrat Choudhary , BJP Bihar , Chief Minister of Bihar , Gaya Ji

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD