बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में अखंड भारत के प्रबल समर्थक और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर एक महत्वपूर्ण पार्क या सड़क का निर्माण अथवा नामकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस निर्णय की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में लिखा कि अखंड भारत के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले युगपुरुष, भारत सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के प्रत्येक जिला मुख्यालय में किसी प्रमुख पार्क या सड़क का निर्माण अथवा नामकरण डॉ. मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका योगदान देश के इतिहास में सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। राज्य सरकार उनके विचारों और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सम्राट चौधरी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल किसी पार्क या सड़क का नामकरण करना नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और देशभक्ति के उन मूल्यों को सम्मान देना है, जिनके लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संघर्ष किया और सर्वोच्च बलिदान दिया।
इससे पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्होंने उन्हें नमन कर याद किया। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, "राष्ट्रीय एकता के धरातल पर ही सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है - डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी। एक मजबूत और एकजुट भारत निर्माण के दृढ़ निश्चयी, मानवता के उपासक, जनसंघ के संस्थापक, हमारे प्रेरणा पुंज परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।"
मुख्यमंत्री की इस घोषणा को भाजपा के समर्थकों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और वैचारिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ का संस्थापक माना जाता है, जिसके वैचारिक आधार पर आगे चलकर भाजपा का गठन हुआ। ऐसे में राज्य सरकार का यह फैसला उनकी स्मृति को सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से स्थायी पहचान देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।