पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सांपला ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वीडियो की फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट मामले में गुरुग्राम में दर्ज एफआईआर और हुई गिरफ्तारियों ने पंजाब सरकार तथा उसके प्रतिनिधियों द्वारा किए गए कई दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्री अकाल तख्त साहिब के हुकमनामे को झूठा साबित करने के लिए कथित रूप से पैसे और प्रभाव का इस्तेमाल कर मनगढ़ंत फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने की साजिश का सामने आना अत्यंत गंभीर मामला है।
सांपला ने कहा कि यदि जांच में लगे आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल कानून और जांच प्रक्रिया के साथ धोखाधड़ी नहीं होगी, बल्कि सिख कौम की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और सर्वोच्चता को ठेस पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश भी मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च और शाश्वत संस्था है तथा यहां से जारी होने वाले हुकमनामे समूची सिख कौम के लिए सम्माननीय और मान्य होते हैं।
कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा से ऊपर नहीं हो सकता। विजय सांपला ने कहा कि सिंह साहिबानों के आदेशों की अनदेखी करके और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देकर भगवंत मान ने अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल की है।
सिख इतिहास इस बात का गवाह है कि जिन्होंने भी अहंकारवश श्री अकाल तख्त साहिब से टकराने की कोशिश की, उन्हें न पंथ में सम्मान मिला और न ही इतिहास ने उन्हें माफ किया। उन्होंने कहा कि “विनाश काले विपरीत बुद्धि” की कहावत मौजूदा घटनाक्रम पर पूरी तरह लागू होती है। सत्ता के अहंकार में पंथिक भावनाओं, धार्मिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को चुनौती देने वाली राजनीति का अंत निश्चित होता है।
पंथ और पंजाब विरोधी सोच कभी भी लोगों का विश्वास हासिल नहीं कर सकती। सांपला ने कहा कि पंजाब की जनता और समूची सिख संगत जानना चाहती है कि आखिर ऐसी कौन-सी आवश्यकता आ गई थी कि एक धार्मिक और पंथिक मामले में फोरेंसिक रिपोर्टों को प्रभावित करने के आरोप सामने आ रहे हैं।
इसलिए सच्चाई का सामने आना बेहद आवश्यक है। उन्होंने हरियाणा पुलिस से अपील की कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष, पारदर्शी और सख्त जांच करे तथा सभी तथ्य जनता के सामने लाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अंत में विजय सांपला ने कहा कि भगवंत मान को अपनी गलती स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष नतमस्तक होकर सिख कौम से माफी मांगनी चाहिए। सिख कौम में मान-सम्मान सत्ता से नहीं, बल्कि गुरु घर की मर्यादा के पालन से प्राप्त होता है।