हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल कानून बनाना ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना और लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट जनसेवा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को तभी सार्थक बनाया जा सकता है, जब लोकतांत्रिक संस्थाएं जनहित के मुद्दों पर प्रभावी संवाद और सहभागिता को बढ़ावा दें।
महिपाल ढांडा आज हरियाणा विधानसभा में लोकसभा के सहयोग से आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के उत्तर क्षेत्रीय जोन-2 सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर होने वाली सार्थक चर्चाओं से समकालीन चुनौतियों के समाधान खोजने में सहायता मिलेगी तथा विकसित भारत के निर्माण में एक समावेशी, पारदर्शी और जनोन्मुखी व्यवस्था को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
सम्मेलन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और लद्दाख के विधानसभा अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों ने भाग लिया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरियाणा विधानसभा के पूर्व पीठासीन अधिकारियों अशोक अरोड़ा, कंवर पाल और ज्ञानचंद गुप्ता सहित पूर्व उपाध्यक्ष अकरम खान, संतोष यादव तथा रणबीर गंगवा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।