पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री Balbir Singh Sidhu की अगुवाई में पंजाब सरकार की जनविरोधी नीतियों, धक्केशाही और बढ़ती गुंडागर्दी के खिलाफ आयोजित धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सेक्टर-78 से सेक्टर-79 स्थित विधायक Kulwant Singh के कार्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। हालांकि रास्ते में भारी पुलिस बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए बलबीर सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी की नाकामियों को उजागर करने वाले बैनर और तख्तियां थीं। विरोध जताते हुए कार्यकर्ताओं ने सड़क पर झाड़ू बिखेरकर यह संदेश दिया कि जिस प्रकार आज झाड़ू सड़क पर बिखरी है, उसी प्रकार आगामी विधानसभा चुनावों में पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी को बिखेर देगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग सरकार की नाकामियों, झूठे वादों और तानाशाही रवैये से तंग आ चुके हैं। सिद्धू ने आरोप लगाया कि पंजाब में लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार कुचला जा रहा है और आम आदमी पार्टी की सरकार हर उस आवाज़ को दबाने में लगी हुई है जो उसकी नाकामियों और जनविरोधी फैसलों के खिलाफ बोलती है।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले टांडा के कांग्रेस कार्यकर्ता अरशदीप सिंह को झाड़ू की कथित “बेअदबी” के नाम पर गिरफ्तार करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पंजाब सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से जुड़े मामले में तुरंत कार्रवाई हो सकती है, तो फिर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के वास्तविक दोषियों को आज तक सजा क्यों नहीं मिली?
सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार विपक्षी दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कर्मचारी संगठनों और आम लोगों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। इसी दौरान पटियाला में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे पीएसपीसीएल कर्मचारियों पर डीएसपी की अगुवाई में किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों पर बल प्रयोग करना सरकार की तानाशाही मानसिकता को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर उस व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल को निशाना बना रही है जो उसकी नाकामियों पर सवाल उठा रहा है। लेकिन पंजाब के लोग इस धक्केशाही और तानाशाही के आगे झुकने वाले नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ बनकर हर अन्याय, धक्केशाही और लोकतंत्र-विरोधी कदम का डटकर विरोध करती रहेगी।
सिद्धू ने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब की धरती ने हमेशा अन्याय और तानाशाही के खिलाफ आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान सरकार को समझ लेना चाहिए कि डंडों, झूठे मुकदमों और धमकियों से जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
यदि सरकार ने अपनी धक्केशाही और बदले की राजनीति बंद नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी राज्य स्तर पर बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संवैधानिक लड़ाई लड़ेगी। इस विरोध धरने को खरड़ मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरकेश चंद शर्मा मच्छली कलां तथा श्री हरदयाल चंद ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर अन्य प्रमुख उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल, ठेकेदार मोहन सिंह बठलाणा, कुलविंदर सिंह संजू, लखविंदर सिंह काला, पूर्व सरपंच अमरीक सिंह (कंबाला), अशोक कोंडल (सभी मंडल प्रधान), काउंसलर कमलप्रीत सिंह बन्नी, श्रीमती दविंदर कौर वालिया, परमजीत सिंह हैप्पी, बलबीर सिंह ट्रांसपोर्ट, पूर्व काउंसलर सुरिंदर राजपूत, इंदरजीत सिंह ढिल्लों, गुरचरण सिंह भम्मरा, ब्लॉक यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मुकुल शर्मा, सुखदीप सिंह (नया शहर), रजिंदर सिंह धर्मगढ़, इंदरजीत सिंह खोखर, आईटी सेल प्रभारी परमजीत सिंह चौहान, हरचरण सिंह ग्रेवाल, बलजिंदर सिंह (फेज-2), बलजिंदर लक्की, रविंदर सिंह रवि, चौधरी ऋषिपाल (सनेटा), पूर्व सरपंच चौधरी भगत सिंह (सनेटा), जगरूप सिंह ढोल (कुरड़ी), सरपंच नाहर सिंह (कुरड़ी), गुरदीप सिंह ढिल्लों, करनदीप ढिल्लों, गुरदीप सिंह (मौली बैदवाण), जीत सिंह (मौली बैदवाण), प्रीतकलम सिंह सैनी, इंदरजीत सिंह (बलौंगी), बब्बू सैनी (बलौंगी), कुलदीप चंद (सेक्टर-66), राजेश लहोतरा, सुखजिंदर सिंह सन्नी (बसंत एन्क्लेव, सेक्टर-117), रूपिंदर सिंह धनेश (ग्रीन एन्क्लेव), सुरजीत सिंह ढिल्लों, मनजीत सिंह ग्रेवाल, मलकीत सिंह (मटौर), पूर्व सरपंच अमरीक सिंह (मटौर), पूर्व सरपंच दविंदर सिंह (कूरड़ा), ज्ञानी गुरमेल सिंह (मनौली), दरबारा सिंह (मनौली), मंगत सिंह (मनौली), हरभजन सिंह (रायपुर कलां), नंबरदार गुरचरण सिंह (गीगे माजरा), लखबीर लक्की (बहलोलपुर), जसविंदर सिंह पप्पा (गिद्दड़पुर), हरजस सिंह (मौली बैदवान), गुरसेव सिंह (मौली बैदवाण), भगत सिंह बैदवान, इंदर शर्मा (मौली), बलजिंदर सिंह राजा (मौली), सरबजीत सिंह (मौली बैदवान), ऊधम सिंह (मौली बैदवाण), मनजीत सिंह (मोटे माजरा), बलबीर सिंह (गोबिंदगढ़), डॉ. दर्शन (जगतपुरा), सुरजीत सिंह (माणकपुर कलर), जतिंदर सिंह सोढ़ी, हरजीत सिंह (सियाऊ), अवतार सिंह (गीगे माजरा), हरराज सिंह, लखा सिंह प्रधान, करमजीत सिंह सिद्धू, हरचरण सिंह ग्रेवाल, हरवंत सिंह ग्रेवाल, प्रिंसिपल तरलोचन सिंह, प्रभजोत सिंह (झांमपुर), पूर्व सरपंच अजमेर सिंह (दाऊ), पूर्व सरपंच मोहन सिंह (रायपुर), मोहन सिंह (नानो माजरा), रविंदर शर्मा, पूर्व सरपंच रमणदीप सिंह (सफीपुर), डी.पी. शर्मा, शेर सिंह (दैड़ी), पूर्व सरपंच गुरविंदर सिंह (नडियाली), नारो देवी (जुझार नगर), अमरजीत सिंह मोनी (जुझार नगर), सुखदेव सिंह वड़ैच, पूर्व सरपंच रणधीर सिंह (हुसैनपुर), हरपाल सिंह पाली (दुराली), जगीर सिंह लालिया, पूर्व सरपंच रणजीत सिंह (जगतपुरा), कृष्ण लाल, संदीप धीमान, गगनदीप सिंह (बेरोपुर), गणेश्वर जैन, मेजर सिंह (दुराली), लखबीर सिंह लख्खां (मटौर), दिलबर खान (मटौर), धर्मपाल सिंह (दुराली), दविंदर सिंह (बाकरपुर), बलविंदर सिंह (बाकरपुर), ज्ञान सिंह (कुरड़ा), गुरजंट (सनेटा), पूर्व सरपंच चौधरी सुरिंदर पाल (बहलोलपुर), चौधरी सीसपाल (हुसैनपुर) तथा दर्शन सिंह (मनाणा) शामिल थे।