डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी श्रीमती कोमल मित्तल ने आज विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में 25 जून 2026 से शुरू होने जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एस आई आर) कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बी एल ओ) और बूथ लेवल एजेंटों (बी एल ए) को 15 जून से 24 जून 2026 तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
बैठक के दौरान उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि प्रत्येक पोलिंग बूथ के लिए बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए जाएं ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समावेशी और त्रुटिरहित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि बी एल ए, बी एल ओ के साथ मिलकर प्रत्येक पात्र मतदाता के एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने में भी सहयोग करेंगे।
उन्होंने बताया कि यह पुनरीक्षण प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जा रही है तथा राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी मतदाता सूचियों की शुद्धता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि बीएलओ पहले से ही फील्ड स्तर पर सत्यापन और मतदाता आंकड़ों को अद्यतन करने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बी एल ए, बी एल ओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाताओं के विवरण में यदि कोई त्रुटि हो तो उसकी पहचान करने में सहयोग कर सकते हैं। श्रीमती कोमल मित्तल ने कहा कि इस प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए तथा कोई भी अपात्र नाम मतदाता सूची में शामिल न रहे।
उन्होंने बताया कि 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता का एन्यूमरेशन फॉर्म भरा जाएगा, जिसके बाद 31 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसी अवधि के दौरान 24 जुलाई 2026 तक पोलिंग स्थलों का युक्तिकरण भी किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि प्रारूप मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक दावों और आपत्तियों की सुनवाई एवं निपटान की प्रक्रिया चलेगी। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंटों की सूचियां शीघ्र जमा करवाने की अपील की। उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा मतदाताओं की प्री-मैपिंग का कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है तथा अब तक 66.03 प्रतिशत डेटा मैप किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि एस ए एस नगर जिले में तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए वर्ष 2003 के बाद दर्ज प्रत्येक वोट का विशेष ध्यान रखते हुए सत्यापन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने की अपील की।