साइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ पंजाब (CAP) की वार्षिक आम बैठक (AGM) यहां ऐतिहासिक स्थल आम खास बाग में आयोजित की गई, जिसमें पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराए गए। चरणजीत सिंह धालीवाल अध्यक्ष चुने गए, जबकि ओंकार सिंह सीनियर उपाध्यक्ष बने। बावा सिंह, जसबीर सिंह, एस.पी. सिंह और एडवोकेट मनिंदरपाल सिंह उपाध्यक्ष चुने गए।
जगदीप सिंह काहलों ने मानद महासचिव का पद संभाला। बरिंदरपाल सिंह, सीरत सोहल, सुखजिंदर सिंह और सतविंदर सिंह संयुक्त सचिव चुने गए, जबकि बी.एस. सूडान मानद कोषाध्यक्ष बने। कार्यकारिणी समिति में हरमनप्रीत सिंह, सिमरन सिंह, राजेश कुमार, लवदीप सिंह, परगट सिंह, कुलदीप सिंह और ओपिंदर देओल शामिल हैं।
यह बैठक पंजाब की समृद्ध खेल विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जिसमें विशेष रूप से साइक्लिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया। “धरती से आसमान” थीम के आधार पर AGM में जमीनी स्तर की प्रतिभा को निखारने और पंजाब के साइक्लिस्टों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे ले जाने पर जोर दिया गया।
यह थीम CAP की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि गांवों से प्रतिभा की पहचान कर उन्हें विश्व-स्तरीय प्रशिक्षण, एक्सपोजर और अवसर प्रदान किए जाएं। सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष चरणजीत सिंह धालीवाल ने कहा, “हमारा ‘धरती से आसमान’ का विजन पंजाब के गांवों से जुड़ा हुआ है, जहां प्रतिभा प्रचुर मात्रा में मौजूद है।
हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस प्रतिभा की पहचान करें, उसे निखारें और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर दें ताकि पंजाब फिर से विश्व-स्तरीय साइक्लिस्ट तैयार कर सके। हम एक मजबूत प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो जमीनी प्रतिभा को वैश्विक सफलता में बदले।”
सीनियर उपाध्यक्ष ओंकार सिंह ने अपने व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव से नेतृत्व को और मजबूत किया है। वे 2017 से 2025 तक एशियन साइक्लिंग कॉन्फेडरेशन (ACC) के महासचिव रहे और 2026 में वे प्रतिष्ठित ACC मेरिट अवॉर्ड प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने।
वे साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) में चेयरमैन और पूर्व महासचिव रह चुके हैं तथा भारतीय ओलंपिक संघ में संयुक्त सचिव के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। ओंकार सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय और महाद्वीपीय स्तर पर काम करने के अनुभव के आधार पर मुझे पूरा विश्वास है कि पंजाब भारत में साइक्लिंग का नेतृत्व कर सकता है।
हमारा ध्यान उच्च प्रदर्शन वाला मजबूत ढांचा तैयार करने, कोचिंग मानकों में सुधार और खिलाड़ियों को लगातार अंतरराष्ट्रीय अवसर प्रदान करने पर होगा। ‘धरती से आसमान’ विजन जमीनी ताकत को वैश्विक सफलता में बदलेगा।” महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा, “साइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ पंजाब राज्य की शानदार खेल विरासत को पुनर्जीवित करने के मिशन के रूप में कार्य करेगी।
हम संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम, आधुनिक कोचिंग तकनीकों और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अवसर देने पर ध्यान देंगे। हमारा लक्ष्य केवल भाग लेना नहीं, बल्कि पदक जीतना है।” साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव मनिंदरपाल सिंह ने भी सभा को संबोधित किया और फेडरेशन के कार्यों व भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की।
उन्होंने पुणे ग्रैंड टूर 2025 की सफल मेजबानी का उल्लेख किया, जिससे भारतीय साइक्लिंग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसे विश्व-स्तरीय आयोजन भारत में भी आयोजित किए जाएंगे और पंजाब में भी इस प्रकार की प्रतियोगिताएं कराने की योजना है।
प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय उद्योगपति दर्शन सिंह धालीवाल ने भी अपना पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब में खेलों, विशेषकर साइक्लिंग में अपार संभावनाएं हैं। मैं ‘धरती से आसमान’ के इस विजन का पूरा समर्थन करता हूं और विश्वास करता हूं कि सही ढांचे और मार्गदर्शन के साथ हमारी युवा पीढ़ी विश्व स्तर पर चमक सकती है।”
CFI के CEO परवीन पाटिल और दिसंबर 2025 में गठित एडहॉक समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र पाठक अपने सदस्यों सहित उपस्थित थे। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा भी उपस्थित रहे और उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को समर्थन दिया।
बैठक के दौरान CAP के पूर्व अध्यक्षों हरबंस सिंह, सुखदेव सिंह ढींडसा, जे.एस. ग्रेवाल और परमिंदर सिंह ढींडसा के योगदान को भी याद किया गया। नवनिर्वाचित टीम ने पंजाब में साइक्लिंग की पुरानी शान को पुनर्स्थापित करने के लिए नई अकादमियां खोलने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया।
साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। AGM का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि पंजाब को फिर से साइक्लिंग का एक शक्तिशाली केंद्र बनाया जाए—जहां गांवों की “मिट्टी” से उठकर खिलाड़ी विश्व की ऊंचाइयों (“आसमान”) तक पहुंचें।