रयात बाहरा यूनिवर्सिटी में बैसाखी के पावन अवसर को रंग-बिरंगे और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज एंड एजुकेशन द्वारा “क्रिएटिव सोल्स: सेलिब्रेटिंग कल्चरल गोल्स – ए फेस्टिव फ्यूज़न” शीर्षक के तहत एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लेते हुए विभिन्न पारंपरिक प्रस्तुतियां पेश कीं। लद्दाखी और राजस्थानी लोक नृत्यों के साथ-साथ जोशीले गिद्धा और भांगड़ा ने कार्यक्रम को रंगीन बना दिया। इन प्रस्तुतियों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को उजागर करते हुए अपनी जीवंतता और गरिमा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पारंपरिक परिधानों में सजे छात्रों ने उत्सव के माहौल को और भी आकर्षक बना दिया और ऑडिटोरियम को विरासत और एकता के उत्सव में परिवर्तित कर दिया।इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. इंदरप्रीत कौर (डीन) ने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और ऐसे आयोजनों के माध्यम से समावेशिता को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।कार्यक्रम का समापन प्रो. (डॉ.) एस. के. बंसल, प्रो वाइस-चांसलर द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर किया गया।
उन्होंने छात्रों की प्रतिभा और उनके प्रयासों की सराहना की।इस मौके पर रयात बाहरा समूह के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा ने छात्रों सहित समस्त देशवासियों को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।यह आयोजन न केवल कलात्मक उत्कृष्टता का प्रतीक बना, बल्कि छात्रों में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव की भावना को भी मजबूत करने में सफल रहा।