पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दक्षिण कोलकाता स्थित अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन पत्र में प्रस्तावकों की सूची में सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया गया है। ममता बनर्जी के नामांकन पत्र में प्रस्तावकों में कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम की पत्नी इस्मत हकीम (मुसलमानों का प्रतिनिधित्व), अभिनेत्री से राजनीतिज्ञ बनीं और तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य कोयल मल्लिक के पति निशपाल सिंह राणे (पंजाबी समुदाय का प्रतिनिधित्व), स्थानीय तृणमूल कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बबलू सिंह (बिहार समुदाय का प्रतिनिधित्व) और भाबानीपुर शिक्षा समिति के प्रतिनिधि मिराज शाह (गुजराती समुदाय का प्रतिनिधित्व) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री अपने दक्षिण कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से निकलकर पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए अलीपुर सर्वे भवन पहुंचीं। उनके निवास से सर्वे भवन की दूरी लगभग एक किलोमीटर है। इस जुलूस में उनके साथ फिरहाद हकीम, भाई कार्तिक बनर्जी और स्वपन बनर्जी, भाभी कजरी बनर्जी तथा स्थानीय पार्षद संदीप बख्शी सहित अन्य व्यक्ति शामिल थे।
मुख्यमंत्री के जुलूस के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सड़क के एक हिस्से को रेलिंग लगाकर बंद कर दिया था। सड़क के किनारे हजारों लोग जमा हो गए थे। मुख्यमंत्री ने जुलूस का नेतृत्व किया और जनता का अभिवादन किया। नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरा पूरा जीवन भवानीपुर के इर्द-गिर्द घूमता रहा है।
मैं बचपन से इसी निर्वाचन क्षेत्र में रही हूं और हमेशा यहीं रहूंगी। मेरा पूरा जीवन और राजनीतिक सफर भवानीपुर से जुड़ा रहा है। इसलिए आज मैं भवानीपुर की जनता को धन्यवाद देती हूं और उनके प्रति नतमस्तक होती हूं।” इस बार भवानीपुर में मुख्यमंत्री का मुकाबला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से है, जो पूर्वी मिदनापुर जिले में अपने गृह क्षेत्र, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।
वे यहां दो बार विधायक रह चुके हैं, पहली बार तृणमूल कांग्रेस से 2016 से 2021 तक और फिर भारतीय जनता पार्टी से 2021 से अब तक। उल्लेखनीय है कि 2021 में अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को लगभग 2,000 वोटों से हराया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का पद पर काबिज रहीं।