पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सख्त शब्दों में कहा है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने आज यहां सरकारी माता कौशल्या अस्पताल का औचक दौरा करते हुए बीते दिन ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर एक मरीज के साथ दुर्व्यवहार करने वाले ठेका कर्मचारी को तुरंत निलंबित करने के आदेश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस घटना की वायरल वीडियो देखकर उन्हें गहरा दुख हुआ है, जिसमें कर्मचारी ने मुक्का मारकर शीशा तोड़ दिया, जिससे एक महिला मरीज घायल हो गई। उन्होंने कहा कि टूटे हुए कांच से अन्य मरीजों को भी गंभीर चोट लग सकती थी, इसलिए ऐसी बदतमीजी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि इस घटना की विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और संबंधित ठेका कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटाया जाएगा। डॉ. बलबीर सिंह ने माता कौशल्या अस्पताल के ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण करते हुए एसएमओ डॉ. विकास गोयल और डॉ. जैदीप भाटिया को निर्देश दिए कि यहां अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए, ताकि मरीजों को पर्ची बनवाने में कम से कम समय लगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार का विशेष ध्यान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि उन्होंने सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि वे “दिल नरम और सिर ठंडा” रखें, यानी मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करें, क्योंकि मरीज किसी न किसी पीड़ा या बीमारी के कारण अस्पताल आते हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार मरीज मानसिक रूप से परेशान हो सकता है और उल्टा-सीधा बोल सकता है, लेकिन उसे इलाज की आवश्यकता होती है, इसलिए स्टाफ को उसके साथ धैर्य और नरमी से पेश आना चाहिए। डॉ. बलबीर सिंह ने माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल का 99.9 प्रतिशत स्टाफ पूरी लगन, ईमानदारी और मेहनत से मरीजों की सेवा कर रहा है, जबकि 0.1 प्रतिशत ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों या उनके परिजनों द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की हंगामेबाजी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाती है और कई मामलों में ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने वाले स्टाफ को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि गलत व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि माता कौशल्या अस्पताल पंजाब का एक प्रमुख जिला स्तरीय सिविल अस्पताल है, जहां आईसीयू, नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट, बच्चों का आईसीयू और अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां डीएनबी कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं, जिसके कारण रोजाना लगभग 1500 से 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में और भी बेहतर सेवाएं प्रदान करना उनका लक्ष्य है।