पंजाब एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए राज्य एन एस एस सम्मेलन का आज मोहाली के चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, घड़ुआं में उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर लगभग 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें राज्य एन एस एस अधिकारी (पंजाब एवं यूटी चंडीगढ़), एन एस एस कार्यक्रम समन्वयक, कार्यक्रम अधिकारी, एन एस एस राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तथा विभिन्न संस्थानों से चयनित वालंटियर शामिल थे।
यह दो दिवसीय सम्मेलन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत एन एस एस क्षेत्रीय निदेशालय, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सेवा योजना (एन एस एस) की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करना तथा राष्ट्र निर्माण के लक्ष्यों के अनुरूप युवा-नेतृत्व वाले सामुदायिक विकास को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री प्रेरणा पुरी, आईएएस, सचिव, शिक्षा, चंडीगढ़ प्रशासन उपस्थित रहीं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में श्री कोमल सिंह चौधरी, प्रतिनिधि निदेशक, एनएसएस, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार; श्री कुलविंदर सिंह, उप निदेशक, युवा सेवाएं, पंजाब सरकार; श्रीमती रुपिंदर कौर, राज्य एनएसएस अधिकारी, पंजाब सरकार; डॉ. नेमी चंद गोलिया, राज्य एनएसएस अधिकारी, चंडीगढ़ प्रशासन; प्रो. (डॉ.) रविराजा एन. सीताराम, कुलपति, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय; प्रो. (डॉ.) देविंदर सिंह, प्रो-उपकुलपति, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय; तथा ब्रिगेडियर (डॉ.) गगन दीप सिंह बाठ, कार्यकारी निदेशक, छात्र कल्याण एवं प्रशासन विभाग, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय शामिल रहे।
अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य अतिथि ने सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवाओं के निर्माण में एनएसएस की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला और सेवा भावना को बढ़ावा देने में इसकी महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस युवाओं को सामुदायिक सहभागिता, जागरूकता अभियानों तथा जमीनी स्तर की पहलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है।
उन्होंने यह भी बल दिया कि एन एस एस कार्यक्रम अधिकारियों को आधुनिक उपकरणों, नेतृत्व कौशल एवं नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण से सशक्त बनाना आवश्यक है, ताकि वे स्वयंसेवकों को पर्यावरणीय स्थिरता, जन स्वास्थ्य जागरूकता तथा सामाजिक समावेशन जैसे समकालीन मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु मार्गदर्शन दे सकें। श्री जय भगवान, क्षेत्रीय निदेशक, एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय, चंडीगढ़, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने एन एस एस के अंतर्गत प्रमुख प्राथमिकताओं एवं चल रही पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा कार्यक्रम अधिकारियों को नवाचारपूर्ण, प्रभावी एवं सामुदायिक उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के प्रथम दिवस में एन एस एस कार्यक्रमों के सुदृढ़ क्रियान्वयन, सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने तथा विभिन्न संस्थानों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर केंद्रित संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और युवाओं को समाजोपयोगी योगदान हेतु सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सम्मेलन का दूसरा दिन कल आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्र निर्माण एवं युवा सशक्तिकरण में एन एस एस की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे।