Wednesday, 22 July 2026

 

 

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पेक में ‘सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्ट डिजाइन एवं डेवलपमेंट’ पर दो सप्ताह का रिसर्च स्किल एक्सेलेरेट प्रोग्राम का हुआ शुभारंभ

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5 Dariya News

चंडीगढ़ , 09 Mar 2026

Last updated on: Mar 10, 2026, 11:15 IST

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा सीएसआईआर–सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गेनाइजेशन चंडीगढ़ तथा डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर, आईआईटी रुड़की के सहयोग से “सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्ट डिजाइन एवं डेवलपमेंट” विषय पर दो सप्ताह का रिसर्च स्किल एक्सेलेरेट प्रोग्राम (RSAP) आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 9 मार्च से 21 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्कशॉप को पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST), साइंस, टेक्नोलॉजी एवं एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट, पंजाब सरकार का सहयोग प्राप्त है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में एर. नरिंदर सिंह जस्सल, सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट, CSIR-CSIO; एर. प्रीतपाल सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, PSCST; श्री रविंदर सिंह हुंडल, अतिरिक्त निदेशक, DTE&IT, पंजाब सरकार; प्रो. राजेश कुमार भाटिया, निदेशक, पीईसी; प्रो. परमिंदर जीत सिंह, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग एवं आरएसएपी के चेयरपर्सन; प्रो. संजीव कुमार तथा प्रो. सरबजीत सिंह सहित विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम प्रो. राजेश कुमार भाटिया, निदेशक पीईसी और एर. प्रीतपाल सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, PSCST के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. सरबजीत सिंह, एर. नरिंदर सिंह जस्सल, प्रो. एम.पी. गर्ग तथा डॉ. विवेकशील राजपूत हैं, जबकि कार्यक्रम के चेयरपर्सन प्रो. परमिंदर जीत सिंह, प्रो. संजीव कुमार, डॉ. दपिंदर कौर बख्शी और प्रो. अनुप्रभा के. शर्मा हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. परमिंदर जीत सिंह ने रिसर्च स्किल एक्सेलेरेट प्रोग्राम के उद्देश्यों और संरचना का परिचय देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य राज्य में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत शिक्षकों को प्रमुख शोध संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे वे नवीन ज्ञान और कौशल प्राप्त कर अपने संस्थानों में अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ कर सकें तथा शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बना सकें।

इस अवसर पर एर. नरिंदर सिंह जस्सल ने कार्यक्रम के व्यापक दायरे पर प्रकाश डालते हुए बताया कि CSIR-CSIO उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को नए उत्पादों की आवश्यकता की पहचान, प्रोडक्ट लाइफ साइकिल की समझ तथा व्यवस्थित डिजाइन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही प्रतिभागियों को उभरती तकनीकों, आधुनिक विधियों और उपकरणों के बारे में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिसे वे अपने शिक्षण और अनुसंधान कार्यों में उपयोग कर सकेंगे।

एर. प्रीतपाल सिंह ने अपने संबोधन में पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से पराली प्रबंधन से जुड़े प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए पर्यावरण अनुकूल सामग्री, लाइफ साइकिल विश्लेषण और सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर भी बल दिया, जो विद्यार्थियों में नवाचार और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा दे सकते हैं।

श्री रविंदर सिंह हुंडल ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रतिभागियों को उद्योग से जुड़े व्यावहारिक अनुभव, ऑटोमेशन तकनीकों की समझ और अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का अनुभव प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रतिभागियों को सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के आधुनिक तरीकों से परिचित कराएगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रो. राजेश कुमार भाटिया, निदेशक पीईसी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान की गौरवशाली विरासत और शैक्षणिक उत्कृष्टता का उल्लेख किया। उन्होंने पीईसी में उपलब्ध अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी और प्रतिभागियों को कार्यक्रम से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन प्रो. संजीव कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। दो सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रोडक्ट डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग, हाइब्रिड मैन्युफैक्चरिंग मेथड्स, बिग डेटा और आईओटी आधारित मैन्युफैक्चरिंग, मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स के लिए एडवांस्ड एनालिसिस तथा उद्योग में रोबोटिक्स के अनुप्रयोग जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान, इंटरैक्टिव सत्र और व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों और सस्टेनेबल प्रथाओं के बारे में उन्नत ज्ञान प्रदान करना है।

 

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