पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज मोहाली के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में मुख्यमंत्री सेहत योजना की चल रही पंजीकरण प्रक्रिया की समीक्षा की। अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह प्रमुख, नागरिक-केंद्रित योजना भगवंत सिंह मान सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि है, जिसका उद्देश्य पंजाब के निवासियों को संपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है तथा लगभग 2,300 उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं, जो इसे देश की सबसे व्यापक और विशिष्ट स्वास्थ्य योजनाओं में से एक बनाता है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि योजना के तहत भर्ती से लेकर उपचार से संबंधित सभी प्रक्रियाएँ (सर्जरी सहित), प्रयोगशाला जांच और दवाइयाँ बिना किसी पूर्व शर्त के कवर की जाती हैं।
मोहाली की डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने स्वास्थ्य मंत्री को पंजीकरण अभियान की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जिले भर में इस समय 190 पंजीकरण केंद्र कार्यरत हैं। इनमें 163 विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (वी एल सी/ सी एस सी केंद्र) और 27 विशेष शिविर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अधिकतम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इन 27 विशेष शिविरों के स्थान आवश्यकता अनुसार बदले जा रहे हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि पंजीकरण की गति और तेज़ की जाए, ताकि 10 लाख रुपये की कैशलेस मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक और परिवार तक पहुंच सके। डॉ. बलबीर सिंह ने अधिकारियों को सतर्क करते हुए कहा कि कुछ धोखाधड़ी करने वाले लोग पंजीकरण टीमों के नाम पर भोले-भाले लोगों से पैसे वसूल रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि जिले में इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो ऐसे तत्वों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस समीक्षा बैठक में एडीसी (विकास) सोनम चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, सीएमएफओ गुरमीत सिंह सोही, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. अमनदीप कौर तथा जिला योजना समिति की चेयरपर्सन, इंजीनियर प्रभजोत कौर भी उपस्थित थीं।