पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के एंट्रेप्रेन्योरशिप एंड इनक्यूबेशन सेल (इआईसी) तथा आईआईसी द्वारा आज एमसीएम डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ की 60 छात्राओं के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को इनोवेशन, एंट्रेप्रेन्योरशिप एवं उभरती तकनीकों से परिचित कराना था, जिसके अंतर्गत उन्हें पेक के ईआईसी एवं 5जी यूज़ केस लैब में संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से अवगत कराया गया।
इस कार्यक्रम में लुंड विश्वविद्यालय, स्वीडन से पधारे प्रो. लार्स एवं डॉ. एलिज़ाबेथ सहित प्रो. दिव्या बंसल, डॉ. सिमरनजीत सिंह (कॉर्डिनेटर, ईआईसी), डॉ. शिल्पी चौधरी, डॉ. निधि तंवर तथा डॉ. सुदेश रानी (को-कोर्डिनेटर, ईआईसी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सिमरनजीत सिंह द्वारा पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज का परिचय देने एवं उद्यमिता एवं इनक्यूबेशन सेल की दृष्टि, उद्देश्यों तथा विभिन्न पहलों पर प्रकाश डालने से हुई।
इसके पश्चात डॉ. शिल्पी चौधरी ने टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (टीआरआल) पर एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने टीआरआल स्केल के साथ-साथ एलिवेटर पिच की अवधारणा को समझाते हुए विचारों को व्यावहारिक नवाचारों में बदलने के महत्व पर बल दिया। प्रो. लार्स ने शैक्षणिक संस्थानों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने वैश्विक दृष्टिकोण एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया।
वहीं डॉ. एलिज़ाबेथ ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिला सहभागिता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को STEM क्षेत्रों में करियर अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा नवाचार में सतत विकास के महत्व को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम को और समृद्ध करते हुए प्रो. दिव्या बंसल ने स्टार्टअप्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर व्याख्यान दिया, जिसमें स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में एआई क्रांति, इसके प्रमुख कारक एवं उभरते अवसरों पर केस स्टडीज़ के माध्यम से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का समापन डॉ. सुदेश रानी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके उपरांत छात्राओं ने उद्यमिता एवं इनक्यूबेशन सेल तथा 5जी यूज़ केस लैब का मार्गदर्शित भ्रमण कर अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। इस अवसर पर डॉ. सिमरनजीत सिंह ने कहा कि प्रो. राजेश भाटिया (निदेशक, पेक) एवं प्रो. संजीव कुमार (अध्यक्ष, आईआईसी-पेक) के नेतृत्व में ईआईसी एवं आईआईसी द्वारा छात्रों एवं संकाय सदस्यों में उद्यमिता और नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु भविष्य में इस प्रकार के और अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।