मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को एक बार फिर युवाओं और समाज के सभी वर्गों से नशे से दूर रहने और बढ़ते ड्रग्स के खतरे के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ाई का नेतृत्व करने की अपील की। आइजोल में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) मिजोरम ग्रुप मुख्यालय का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ते नशा सेवन पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि उन्हें इस तरह के घातक प्रभावों से बचाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अनुशासित, सक्षम और प्रतिबद्ध युवाओं को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अपना अलग एनसीसी ग्रुप मुख्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष मिजोरम सरकार ने सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच चार महीने का विशेष अभियान चलाया था, जिसका उद्देश्य राज्य के बाहर, खासकर म्यांमार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाना था।
इस अभियान को राज्य पुलिस ने आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग और राज्य की सबसे बड़ी नागरिक संस्था यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के साथ मिलकर चलाया, साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। संक्षिप्त उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में लालदुहोमा ने मिजोरम में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय की स्थापना के लिए किए गए प्रयासों को याद किया और उम्मीद जताई कि राज्य के युवा एनसीसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे और इस मंच का उपयोग सकारात्मक चरित्र निर्माण के लिए करेंगे। इस नए विकास के साथ, मिजोरम एनसीसी, जो पहले असम के अंतर्गत संचालित होती थी, अब अपने समर्पित ग्रुप मुख्यालय के तहत कार्य करेगी।
एनसीसी के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल अनुराग विज ने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य युवाओं को अनुशासित, साहसी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे राष्ट्र, समाज और परिवार के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें और नशे व अस्वस्थ जीवनशैली से दूर रहें। उन्होंने कहा कि जब भी राज्य सरकार इन उद्देश्यों से जुड़े कार्यक्रम शुरू करेगी, एनसीसी पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार है।
मेजर जनरल विज ने यह भी कहा कि उत्तर-पूर्व भारत के युवा अनुशासित और सक्षम हैं, लेकिन कई बार उन्हें देश के अन्य हिस्सों से कम जुड़ा हुआ माना जाता है। इस धारणा को बदलने के लिए एनसीसी युवाओं को अन्य राज्यों के लोगों के साथ अधिक संपर्क और अनुभव दिलाने की योजना बना रही है, ताकि आपसी समझ और एकता को मजबूत किया जा सके।
बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर एनसीसी अधिकारियों ने उपयुक्त आवास की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यदि राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराए तो एनसीसी अपने स्वयं के भवन और सुविधाएं विकसित कर सकती है। यह भूमि स्थायी हस्तांतरण की बजाय दीर्घकालिक पट्टे पर भी दी जा सकती है। वर्तमान में मिजोरम में एनसीसी की चार इकाइयां हैं, जिनमें करीब 8,000 कैडेट्स शामिल हैं। ग्रुप मुख्यालय की स्थापना के बाद राज्य में एनसीसी गतिविधियों के और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।