पंजाब मानवाधिकार आयोग (पीएचआरसी) द्वारा पंजाब के प्रत्येक ज़िले में 15 सदस्यों का एक कोर ग्रुप गठित किया जाएगा, जो मानवाधिकार उल्लंघनों पर निगरानी रखने के साथ-साथ ज़िला स्तर पर छोटी शिकायतों के निपटारे में ज़िला प्रशासन और आयोग की सहायता करेगा। यह जानकारी पंजाब मानवाधिकार आयोग के सदस्य एवं पद्म श्री सम्मानित डॉ. जितेंद्र सिंह शंटी ने बुधवार शाम ज़ीरकपुर में दी।
डॉ. शंटी जैक रेज़िडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा एक स्थानीय होटल में आयोजित मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कोर ग्रुप सदस्यों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 4 फरवरी है तथा पात्रता सहित आवेदन पत्र पीएचआरसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
उन्होंने मानवाधिकार उल्लंघनों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9855475547 जारी किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा परेशान किया जाता है, तो वह इस नंबर के माध्यम से सीधे आयोग को अपनी शिकायत भेज सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मानवाधिकारों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. शंटी ने स्पष्ट किया कि किसी भी अस्पताल द्वारा उपचार शुल्क बकाया होने के आधार पर मृतक का शव परिजनों को सौंपने से इनकार नहीं किया जा सकता, जो कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिजनों से घोषणा-पत्र लेकर शव सौंपें।
इसी प्रकार यदि कोई मरीज उपचार शुल्क चुकाने में असमर्थ है, तो बैंक चेक और हलफनामा लेकर उपचार के पश्चात उसे घर भेजा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर अस्पताल में उपचार शुल्क का विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
डॉ. शंटी ने कहा कि पहले मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों पर भी अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन मानवाधिकार आयोगों के गठन से जवाबदेही मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर लोगों की शिकायतों की अनदेखी करना या आवासीय सोसाइटियों द्वारा किए गए वादों को पूरा न करना भी मानवाधिकार उल्लंघन के अंतर्गत आता है और ऐसे मामलों में आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) भी लिया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि लोगों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने और प्रशासन के साथ समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से अब तक 9 ज़िलों का दौरा किया जा चुका है तथा मार्च तक पंजाब के सभी 23 ज़िलों का दौरा किया जाएगा। इसके उपरांत डॉ. शंटी ने नगर परिषद कार्यालय, ज़ीरकपुर में ज़िला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में एडीसी (जनरल) सुश्री गीतिका सिंह, एसपी (मुख्यालय) मोहित अग्रवाल, एसडीएम डेराबस्सी अमित गुप्ता, मुख्यमंत्री के फील्ड अधिकारी गुरमीत सिंह सोही, सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, ईओ पलविंदर सिंह भट्टी तथा रोपड़ जेल अधीक्षक हरजोत सिंह कलेर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डॉ. शंटी ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ताओं के मानवाधिकारों की रक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों से सफाई कर्मचारियों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और उनकी सभी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने की अपील भी की। अंत में डॉ. शंटी ने जैक रेज़िडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्होंने आशा व्यक्त की कि लोग अपने आसपास मानवाधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करेंगे।