पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के डीन स्पॉन्सर्ड रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी (एसआरआईसी) कार्यालय द्वारा 14 जनवरी, 2026 को “शैक्षणिक संस्थानों में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) का संरक्षण एवं प्रबंधन” विषय पर एक अवेयरनेस वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया।यह वर्कशॉप संस्थान के एम्पैनल्ड आईपीआर कंसलटेंट मेज़र्स एस.एस. राणा एंड कंपनी द्वारा संचालित की गई, जिसमें श्री विक्रांत राणा, मैनेजिंग पार्टनर एवं सुश्री संगीता नागर, सीनियर साइंटिस्ट ने फैकल्टी मेंबर्स के लिए एक ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रो. उमेश शर्मा, डीन, प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श, प्रो. संदीप कुमार, एसोसिएट डीन, एसआरआईसी सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।वर्कशॉप की शुरुआत प्रो. उमेश शर्मा द्वारा की गई, जिन्होंने आईपीआर के महत्व, रिसर्च एंड इनोवेशन में इसकी भूमिका तथा आईपीआर फाइलिंग की मूल प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात श्री विक्रांत राणा ने एम/एस एस.एस. राणा एंड कंपनी का परिचय देते हुए, सुश्री संगीता नागर के साथ मिलकर आईपीआर से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सत्र में वैश्विक पेटेंट कार्यालयों का परिदृश्य, पिछले पाँच वर्षों के आईपीआर ट्रेंड्स, प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र तथा इस तथ्य पर प्रकाश डाला गया, कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग एक लाख पेटेंट आवेदन दायर किए जाते हैं।
साथ ही, पेटेंट, ट्रेडमार्क, भौगोलिक संकेत (जीआर), कॉपीराइट एवं औद्योगिक डिज़ाइन जैसे आईपीआर टूल्स के लाभों पर चर्चा की गई। पेटेंट दस्तावेज़, पीसीटी आवेदन, पेटेंट योग्यता की शर्तें—नवीनता, आविष्कारक कदम एवं उपयोगिता—तथा पेटेंट कौन दाखिल कर सकता है, क्या संरक्षित किया जा सकता है, प्रक्रिया, आईसी लेआउट डिज़ाइन एवं ट्रेड सीक्रेट्स जैसे विषयों को भी विस्तार से समझाया गया।कार्यशाला का समापन संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। प्रो. संदीप कुमार, एसोसिएट डीन, एसआरआईसी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।