Saturday, 06 June 2026

 

 

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'सरसों का साग और मकई की रोटी सिर्फ खाना नहीं, बल्कि एक भावना है', विकास खन्ना ने बताया लोहड़ी का असली मतलब

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5 Dariya News

मुंबई , 13 Jan 2026

Last updated on: Jan 14, 2026, 16:37 IST

बॉलीवुड और कुकिंग की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाने वाले सेलेब्रिटी शेफ विकास खन्ना ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अपने बचपन की यादों को साझा किया। अमृतसर में बड़े हुए विकास ने बताया कि उनके लिए लोहड़ी और अन्य फसल से जुड़े त्योहार सिर्फ उत्सव नहीं थे, बल्कि पूरे माहौल को बदल देने वाले अनुभव होते थे। 

आईएएनएस से बात करते हुए विकास ने कहा, ''बचपन में लोहड़ी की शामें एक अलग ही दुनिया होती थीं। घर में आग की गर्मी, लोक गीतों की मधुर आवाज और मां द्वारा बनाई गई मिठाइयों की खुशबू पूरे घर को भर देती थी। रेवड़ी, गजक, मूंगफली और गुड़ की खुशबू अब भी मेरे दिल और दिमाग में बसी हुई है। यह केवल खाने का अनुभव नहीं था, बल्कि पूरी तरह से त्योहार की भावना और परिवार के प्यार का हिस्सा था।''

उन्होंने कहा, ''मेरे अनुभव का सबसे खास हिस्सा खाने से पहले का शांत और ध्यानमय समय होता था। घर में फसल का त्योहार हमेशा एक तरह की प्रार्थना के साथ शुरू होता था। यह प्रार्थना जोर से नहीं होती थी। इसे गहराई से महसूस किया जाता था। इस अनुभव ने मुझे हमेशा यह सिखाया कि खाने को हल्के में नहीं लेना चाहिए और हमें हर एक सामग्री का सम्मान करना चाहिए।''

शेफ विकास ने कहा, ''मेरा सबसे पसंदीदा त्योहार का व्यंजन हमेशा पंजाब का सरसों का साग और मकई की रोटी रहेगा। यह सिर्फ खाना नहीं है, बल्कि एक भावना है। यह भोजन खेतों की खुशबू, सर्दियों की धूप और परिवार की गर्माहट की याद दिलाता है। मेरे लिए हर एक टुकड़े में एक याद है, जिसमें बचपन की लोहड़ी की शामें और मां का प्यार समाया हुआ है।''

उन्होंने कहा, ''भारत के अलग-अलग हिस्सों में फसल के त्योहारों के व्यंजन अलग हो सकते हैं, जैसे तिल-गुड़, पोंगल, पिठा या पायसम। लेकिन, भावना हमेशा एक जैसी होती है। यह भावना आभार की होती है, जो प्रकृति की उपज, किसानों की मेहनत और पारंपरिक स्वाद का सम्मान करती है। त्योहार सिर्फ स्वादिष्ट खाना खाने का मौका नहीं हैं, बल्कि खाना बनाने की सोच और संस्कृति को भी प्रभावित करते हैं।''

उन्होंने कहा, ''खाना सिर्फ रसोई से शुरू नहीं होता, बल्कि खेत से आता है। यह हमें याद दिलाता है कि हर व्यंजन में मेहनत, प्रकृति और समय का योगदान होता है। इसलिए हर फसल त्योहार में अनाज, तिल, गुड़, नई चावल जैसी सामग्री का सम्मान किया जाता है। यह केवल स्वाद का नहीं, बल्कि जीवन का सम्मान करने का तरीका होता है।''शेफ विकास खन्ना इन दिनों 'मास्टशेफ इंडिया' में नजर आ रहे हैं

 

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