चितकारा यूनिवर्सिटी पंजाब ने भारत के सबसे जीवंत राष्ट्रीय रंगमंच उत्सवों में से एक, “रंगरेज़ 2025”, की शानदार मेजबानी सफलतापूर्वक की। इस संस्करण में देशभर से थिएटर समूहों, कथाकारों, कलाकारों और छात्रों ने दो दिनों तक चले इस रचनात्मक अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक संवाद और कलात्मक उत्सव में भाग लिया।
“दास्तान – जर्नीज़ इन रिद्म, स्टोरीज़ इन मोशन” थीम पर आधारित रंगरेज़ 2025 ने कहानी कहने की गहन शक्ति का उत्सव मनाया, जिसमें भारत की समृद्ध कथात्मक परंपराओं राजदरबारों और गाँव की चौपालों से लेकर आधुनिक मंचों तक को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया।
इस वर्ष रंगरेज़ 2025 में विविध प्रकार के प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ देखने को मिली, जिनमें सामाजिक मुद्दों पर आधारित नुक्कड़ नाटक, राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय टीमों द्वारा प्रोसीनियम नाटक, उभरते कलाकारों के मोनोलॉग और मूवमेंट पीसेज़, रचनात्मक खेल, दर्शक सहभागिता गतिविधियाँ, तथा छात्रों द्वारा प्रस्तुत कैंपस रचनात्मकता और सांस्कृतिक पहचान के अनूठे प्रदर्शन शामिल थे।
विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें कई संस्थानों की परफॉरमेंस खास तौर पर प्रशंसनीय रही । चितकारा यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल में देश के 15 से ज्यादा राज्यों से छात्र पहुँचे। मोनोलॉग, स्ट्रीट प्ले और स्टेज प्ले कैटेगरी के विजेता देश के अलग-अलग हिस्सों से रहे, जिनमें ग्वालियर और हरियाणा के प्रतिभागी भी शामिल थे।
विजेताओं को पुरस्कार चितकारा इंटरनेशनल स्कूल्स की वाइस प्रेसिडेंट और डायरेक्टर डॉ. नियति चितकारा ने प्रदान किए। उत्सव की सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर, डॉ. मधु चितकारा ने कहा, “रंगरेज़ हमेशा से रचनात्मकता, साहस और समुदाय का उत्सव रहा है।
इस वर्ष ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि जब युवा मन अभिव्यक्ति, प्रश्न और सृजन के लिए एकजुट होते हैं, तो कहानी कहने की शक्ति कितनी व्यापक होती है। हमें गर्व है कि हम देशभर की प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करते हैं जहाँ वे चमक सकें और जहाँ रंगमंच की भावना जीवंत बनी रहे।”
एक समावेशी और प्रेरणादायक मंच के रूप में रचित, रंगरेज़ ने देशभर के युवा कलाकारों को अपनी कहानियाँ साझा करने, नए विचारों के साथ प्रयोग करने और विविध थियेटर समुदायों से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। भारत के सबसे बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय रंगमंच उत्सवों में से एक होने के नाते, यह संवाद, दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान और नई प्रदर्शन शैलियों के सृजन का प्रमुख मंच बना रहा।
चितकारा यूनिवर्सिटी ने रंगरेज़ 2025 में शामिल होने वाले सभी थिएटर प्रेमियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इसे रचनात्मकता, प्रदर्शन और कलात्मक सहयोग का एक असाधारण उत्सव बना दिया।