देश की राजधानी से सटे गुरुग्राम शहर में 7 नवंबर से 9 नवंबर तक 18वाँ अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) सम्मेलन एवं प्रदर्शनी - 2025 का आयोजन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट (इंडिया) के माध्यम से किया जा रहा है। इस आयोजन को हरियाणा सरकार एवं गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के सहयोग से किया जा रहा है।
यह जानकारी शहरी आवासन मंत्रालय के ओएसडी (शहरी परिवहन) जयदीप ने कर्टन रेजर कार्यक्रम में दी। इस अवसर पर जीएमआरएल के एमडी डॉ. चंद्र शेखर खरे, उपायुक्त अजय कुमार, शहरी आवासन मंत्रालय से निदेशक (एमआईटीएस) योगेश आंतिल उपस्थित थे।श्री जयदीप ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शहरों को नवीनतम और श्रेष्ठ शहरी परिवहन उपायों की जानकारी देना है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर हो रहे विकास और नवाचारों से निरन्तर अपडेट रह सकें।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कायक्रमों से देश विदेश के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, तकनीकी संस्थानों, सेवा प्रदाताओं और पेशेवरी को एक सांझा मंच प्रदान करने का अवसर मिलता है।उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्घाटन 7 नवंबर को केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 8 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय
राज्यमंत्री श्री राव इन्द्रजीत सिंह, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, मेट्रो रेल कंपनियों के प्रबंध निदेशक, परिवहन उपक्रमों के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, पेशेवर एवं शैक्षणिक जगत से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे।
*शहरी विकास और गतिशीलता का संबंध विषय पर आधारित रहेगा सम्मेलन*
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘‘शहरी विकास और गतिशीलता का संबंध’’ रहेगा। यह सम्मेलन शहरी विकास की रणनीतियां और परिवहन योजना विषय पर केंद्रित रहेगा। सम्मेलन में यह बताया जाएगा कि शहरी नियोजन और परिवहन से जुड़े निर्णय कैसे एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं - जिससे आर्थिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता, सामाजिक समानता और जनस्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ता है। घनी आबादी वाले शहरों में मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का निर्माण न केवल उत्सर्जन को कम कर सकता है बल्कि सुरक्षित, स्वस्थ और समावेशी जीवन भी प्रदान कर सकता है।