नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (एनपीसी) एवं पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से 5-दिवसीय लीन मैन्युफैक्चरिंग कंसल्टेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक 31 अक्तूबर 2025 को संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अंतर्गत नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (NPC) द्वारा आयोजित किया गया तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित था।
यह प्रशिक्षण 27 से 31 अक्तूबर 2025 तक आयोजित किया गया। समापन समारोह में श्री अशोक कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, एनपीसी चंडीगढ़, तथा श्री सुव्येंदु शिवाकर, उपनिदेशक, एनपीसी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर प्रो. आर. एम. बेलोकर (प्रमुख, पीआईईडी-पीईसी), प्रो. उमेश शर्मा (डीन एसआरआईसी) भी उपस्थित रहे।
प्रोफेसर राजेश भाटिया ने ऐसे क्षमता-विकास कार्यक्रमों के महत्व की सराहना की, विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र के लिए, जो उद्योगों की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम एमएसएमई प्रतिस्पर्धात्मक (लीन) योजना (MCLS) के अंतर्गत आयोजित किया गया।
इसका उद्देश्य प्रमाणित सलाहकारों का एक मजबूत समूह तैयार करना था, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को लीन मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों को अपनाने में सहयोग कर सकें — यह एक परिवर्तनकारी प्रक्रिया है जो उत्पादकता बढ़ाने, अपशिष्ट कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता एनपीसी विशेषज्ञों, पीईसी संकाय सदस्यों, उद्योग सलाहकारों और अनुभवी उद्यमियों द्वारा संचालित इंटरएक्टिव विशेषज्ञ सत्र रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को लीन पद्धतियों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन की गहन समझ प्रदान की।