Thursday, 23 July 2026

 

 

खास खबरें सेवा सहकारी समितियों को बढ़ावा देने एवं रोजगार सृजन के लिए प्रशासक ने चंडीगढ़ सहकारिता नीति-2026 का शुभारंभ किया 5000 रुपये रिश्वत लेते हुए सीनियर सहायक को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने किया गिरफ्तार बरिंदर कुमार गोयल द्वारा मोगा ज़िले में 105.49 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं लोकार्पित ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने गांव मीमसा में एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉकी एस्ट्रोटर्फ का निर्माण कार्य शुरू करवाया* हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने पंजाब भर के सड़क विकास कार्यों का लिया जायज़ा हम युवाओं के साथ, युवाओं के मुद्दे देश के मुद्दे- अरविंद केजरीवाल अमन अरोड़ा द्वारा लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए सुदृढ़ डेटा सुरक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने पर जोर पीएम मोदी के आवास घेराव के विरोध में बीजेपी ने चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन का किया घेराव विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने पांच गांवों को पानी की टंकी समर्पित की भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा भारतीय संस्कृति, समरसता और सेवा का जीवंत प्रतीक: नायब सिंह सैनी पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस का कांग्रेस भवन में प्रदर्शन नीट के बहाने डूबती राजनीति बचाने में जुटी कांग्रेस, पंजाब के परीक्षा घोटालों पर चुप मिशन वात्सल्य : बाल कल्याण सेवाओं को मिलेगी और मजबूती प्रदेश के हर जिले में खुलेगा स्टार्टअप्स का द्वार, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बनेगा मजबूत आधार- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग में आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएँ : प्रो. असीम कुमार घोष राज्यपाल ने गौशाला के नवीनीकरण कार्य का किया शुभारंभ अंसल एपीआई के खिलाफ जल्द दर्ज की जाए एफआईआर: कृष्ण लाल पंवार गन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : श्याम सिंह राणा पानीपत के दिव्यांग बच्चे को मिलेंगे अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम अंग प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर पंचकूला में राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत

 

कीर्ति वर्धन सिंह ने अबू धाबी में आईयूसीएन वर्ल्‍ड कन्जर्वेशन कांग्रेस के दौरान उच्च स्तरीय गोलमेज वार्ता में भारत का नेतृत्व किया

विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान एक दूसरे के पूरक हैं, प्रतिस्पर्धा नहीं; पर्यावरण संरक्षण का भारतीय मॉडल साक्ष्य-आधारित, समता-प्रेरित और सांस्कृतिक रूप से निहित नीतिगत ढांचे पर जोर देता है : कीर्ति वर्धन सिंह

Kirtivardhan Singh, Bharatiya Janata Party, BJP
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

अबू धाबी , 10 Oct 2025

Last updated on: Oct 10, 2025, 16:32 IST

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अबू धाबी में आईयूसीएन वर्ल्‍ड कन्जर्वेशन कांग्रेस में आईयूसीएन अध्यक्ष श्री रजान खलीफा अल मुबारक के साथ उच्च स्तरीय गोलमेज वार्ता में भारत का नेतृत्व किया। सत्र के विषय - 'जलवायु और लोगों के लिए प्रकृति का वादा: संरक्षण समुदाय का बेलेम और उससे आगे तक एक आह्वान और प्रतिबद्धता' - पर विचार-विमर्श करते हुए श्री सिंह ने जलवायु संकट के समाधान के लिए विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान को बेहतर ढंग से एकीकृत करने के तरीकों पर चर्चा की।

श्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर रहने का महत्व भारतीय संस्कृति और परंपराओं में गहराई से निहित है। इन परंपराओं के मूल में स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता और प्राकृतिक दुनिया के साथ गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव निहित है। 

उन्होंने कहा कि जहां आधुनिक विज्ञान स्थिरता और जलवायु परिवर्तन जैसे शब्दों का प्रयोग करता है, वहीं भारत ने व्यावहारिक, प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन-शैली के माध्यम से इन सिद्धांतों को लंबे समय से अपनाया है। इस प्रतिष्ठित सभा को यह बताते हुए कि भारत ने इस पैतृक ज्ञान को किस प्रकार आगे बढ़ाया है और एक सुदृढ़ भविष्य के लिए इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोणों के साथ एकीकृत किया है। 

श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया 'मिशन लाइफ' एक जन-नेतृत्व वाला वैश्विक आंदोलन है जो जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय क्षरण की तात्कालिक चुनौतियों से निपटने के लिए शाश्वत ज्ञान को क्रियान्वित कर रहा है। प्रधानमंत्री का लाइफ विजन भारत के पारंपरिक लोकाचार/ज्ञान में निहित पर्यावरण के प्रति जागरूक व्यवहार को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। 

श्री सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का भारतीय मॉडल एक ऐसे नीतिगत ढांचे पर जोर देता है जो साक्ष्य-आधारित, समता-प्रेरित और सांस्कृतिक रूप से निहित हो। श्री सिंह ने इस अवधारणा को और स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत का लोकाचार यह मानता है कि विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं, प्रतिस्पर्धा नहीं। 

इसलिए इस क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, जहां विज्ञान संस्कृति से और परंपरा नवाचार से मिलती है। उन्होंने बताया कि भारत इन स्वदेशी प्रणालियों को जलवायु अनुकूलन और जैव विविधता संरक्षण की औपचारिक प्रणालियों में प्रलेखित, प्रमाणित और एकीकृत करने के लिए काम कर रहा है। 

उन्होंने अपने संबोधन में पारंपरिक विशेषज्ञता का उदाहरण दिया, जैसे नीलगिरी की टोडा जनजातियां चींटियों के घोंसला बनाने के व्यवहार का अवलोकन करके मानसून की भविष्यवाणी करती हैं, या अंडमान के जारवा उथले पानी में मछलियों की आवाजाही के आधार पर चक्रवातों की भविष्यवाणी करते हैं। 

उन्होंने राजस्थान में सीढ़ीदार कुओं और 'सिल्वर ड्रॉप्स ऑफ राजस्थान' जैसी स्थायी जल संरक्षण प्रणालियों के बारे में भी बात की। श्री सिंह ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि ये प्रयास भारत के उस दृष्टिकोण को दर्शाते हैं जहां विज्ञान परंपरा को बढ़ाता है और परंपरा विज्ञान के साथ एकीकृत होती है। 

जैसे-जैसे आईयूसीएन प्रकृति-आधारित समाधानों को आगे बढ़ा रहा है, आगे का कार्य इस संवाद को और सशक्त करता है। उन्होंने कहा आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान के धागों को एक साथ बुनने से अमूर्त अवधारणाओं से मूर्त कार्यों की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।

 

Tags: Kirtivardhan Singh , Bharatiya Janata Party , BJP

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD