पंजाब के पशुपालन, कृषि, डेयरी विकास व मत्स्य पालन मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज पटियाला से सरकारी वेटरनरी पॉलीक्लिनिक में राज्य की पहली पशुओं के लिए डिजिटल एक्स-रे की सुविधा की शुरुआत की। इस मौके पर उनके साथ पटियाला के विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और जिला योजना समिति के चेयरमैन तजिंदर मेहता भी मौजूद थे।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि पटियाला के सरकारी वेटरनरी पॉलीक्लिनिक में 56 लाख रुपये की अत्याधुनिक 800 एम.ए.एस. एक्स-रे मशीन लगाई गई है, जो राज्य में सबसे पहली है और आने वाले दिनों में यह मशीन अन्य सरकारी वेटरनरी पॉलीक्लिनिक में भी लगाई जाएगी। पशुपालन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्यभर के वेटरनरी अस्पतालों और पॉलीक्लिनिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस करने के लिए वचनबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह मशीन पशुओं की श्वास संबंधी समस्याओं, हड्डियों की बीमारियों, पेट के कैंसर और अन्य प्रकार के कैंसर की सही और समय रहते पहचान में बहुत सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह मशीन रेडिएशन थेरेपी के जरिए कैंसर के इलाज में भी काम आ सकती है, जो पंजाब के वेटरनरी स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पशुपालन पंजाब की अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। पशुपालन सेवाओं को मजबूत करने से पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा और दूध की पैदावार में भी वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पटियाला के वेटरनरी पॉलीक्लिनिक में आई.पी.डी. की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके तहत इलाजाधीन पशु/कुत्ते या बिल्ली को रात के समय भी अस्पताल में भर्ती रखा जा सकता है। यह पंजाब सरकार की अनूठी पहल है कि पशुपालक अपने पशु के साथ अस्पताल में ही रह सकते हैं, जिससे बार-बार अस्पताल लाने के खर्चे की भी बचत होती है।
इस मौके पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण पंजाब को भारी नुकसान हुआ है और अब तक लगभग 20,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है और 5,000 एकड़ में फसलें बर्बाद हुई हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 2,500 मरे पशुओं की पहचान हो चुकी है और अभी और पहचान की जा रही है, क्योंकि कई जगहों पर अभी भी पानी भरा हुआ है।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नवनीत कौर सेखों, पशुपालन निदेशक डॉ. परमजीत सिंह वालियां, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. बिक्रमजीत सिंह, डिप्टी डायरेक्टर रौणी फार्म डॉ. राजीव गोरवर, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. सोनिंदर कौर, डॉ. रजनीक भौरा, डॉ. कंवर अनुप क्लैर, डॉ. जगविंदर कौर, डॉ. गगनदीप थापरवाल, डॉ. गुरप्रीत सिंह, डॉ. संजू सिंगला, डॉ. रवि सिंगला, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. वनीत मल्होत्रा, डॉ. जगप्रीत सिंह और विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।