मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन हितधारकों और व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि वे उनकी चिंताओं को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष उठाएँगे और कश्मीर के कई बंद पर्यटक स्थलों को खोलने का अनुरोध करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन गुलमर्ग कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर की 17वीं वार्षिक महासभा को संबोधित करते हुए दिया।
उन्होंने कहा, “एक ओर हम पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, लेकिन दूसरी ओर कई गंतव्य बंद रखे जाते हैं। यह हमारी मुश्किल परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। जब आधा कश्मीर पर्यटन के लिए बंद हो, तो प्रचार-प्रसार का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
हम पर्यटकों से क्या कहें? आप गंडोला की सवारी कर सकते हैं पर एटीवी ग्राउंड्स बंद हैं, आप तंगमर्ग जा सकते हैं, लेकिन द्रुंग नहीं, आप पहलगाम आ सकते हैं, लेकिन अरु और बेताब वैली नहीं जा सकते। यहां तक कि सबसे कठिन समय में भी हमने इन क्षेत्रों को बंद नहीं किया था।
इसलिए मैं आपको भरोसा दिलाता हूँ कि इस विषय पर गृहमंत्री से बात करूंगा और उनसे अनुरोध करूंगा कि ये गंतव्य खोले जाएँ। इससे विश्वास जमेगा और अधिक पर्यटक आकर्षित होंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पर्यटकों को बताया जाता है कि कुछ गंतव्य बंद हैं, तो यह कश्मीर की समग्र स्थिति को लेकर नकारात्मक धारणा पैदा करता है।
उन्होंने कहा, “हमें केंद्र सरकार के साथ एक समान पृष्ठ पर आना होगा, अन्यथा हमारे प्रचार प्रयास सफल नहीं होंगे।” नवनिर्वाचित टीएएके अध्यक्ष फारूक अहमद को बधाई देते हुए उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन व्यवसायियों को सरकार का पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा, “ फारूक अहमद साहब के पास संगठन को आगे ले जाने के लिए मजबूत नींव है। इन परिस्थितियों में पर्यटन को बढ़ावा देना आसान नहीं है, लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि जैसे हमने पूर्व अध्यक्ष रऊफ त्राम्बू के साथ निकटता से काम किया, वैसे ही आपके नेतृत्व में भी हम टीएएके के साथ मिलकर कार्य करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि पतझड़ और सर्दी का मौसम कुछ पुनरुत्थान लेकर आएगा, जबकि वसंत ऋतु की तैयारियाँ अभी से गंभीरता से शुरू होनी चाहिए। आज के कार्यक्रम की अहमियत को रेखांकित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हम हमेशा याद रखेंगे कि गुलमर्ग कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पहला कार्यक्रम ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर की 17वीं एजीएम थी।
भविष्य में यहां एफआईसीसीआई, सीआईआई, भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार के कई प्रतिष्ठित कार्यक्रम होंगे, लेकिन पहला कार्यक्रम हमेशा टीएएके से जुड़ा रहेगा।” एजीएम को मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, विधायक गुलमर्ग पीरजादा फारूक अहमद शाह, प्रमुख होटलियर मुश्ताक छाया, टीएएके अध्यक्ष रऊफ त्राम्बू और नवनिर्वाचित अध्यक्ष फारूक अहमद ने भी संबोधित किया। बैठक में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से टीएएके के सदस्य शामिल हुए।