पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के कंप्यूटर सेंटर ने 20 अगस्त से 18 सितम्बर 2025 तक चंडीगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों के लिए आईसीटी प्रशिक्षण कार्यक्रम का तीसरा बैच सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस प्रशिक्षण के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस. के. मंगल, डीन अकादमिक अफेयर्स, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ने शिरकत की।
उन्होंने कंप्यूटर सेंटर की लगातार की जा रही क्षमता-विकास की कोशिशों की सराहना की और पुलिस अधिकारियों के उत्साह की प्रशंसा की। अपने संबोधन में प्रो. मंगल ने कहा कि आज के समय में आईसीटी स्किल्स पुलिसिंग और गवर्नेंस को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि डिजिटल टूल्स, ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और साइबर जागरूकता न केवल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि नागरिक सेवाओं को भी और बेहतर बनाते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनीता मेहता (कोर्स कोऑर्डिनेटर) और डॉ. संजय बटिश (हेड, कंप्यूटर सेंटर एवं नोडल ऑफिसर) ने किया।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों श्री सुशील कुमार, श्री प्रभसिमरन सिंह बिंद्रा, श्री संदीप पाठक और श्री तजिंदर सिंह ने व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान का बेहतरीन संगम प्रस्तुत किया। पाठ्यक्रम में कंप्यूटर की मूल बातें, ई-गवर्नेंस पोर्टल्स (eHRMS, DigiLocker, GeM, PFMS, NDLI), एमएस ऑफिस एप्लीकेशंस, इंटरनेट और क्लाउड टूल्स (Google Drive, Docs, Forms), नेटवर्किंग बेसिक्स, साइबर सुरक्षा जागरूकता और मोबाइल तकनीक (एंड्रॉयड मूलभूत जानकारी) को शामिल किया गया।
इसने पुलिस अधिकारियों को सुरक्षित और सहयोगात्मक आईसीटी प्रथाओं को अपनाने के लिए सक्षम बनाया। यह पहल पुलिस और फायर विभाग के कर्मचारियों को डिजिटल क्षमता से लैस करने के साथ-साथ पेक की स्किल डेवलपमेंट और सार्वजनिक सेवाओं के आधुनिकीकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
इस तरह, यह कार्यक्रम एक ऐसे डिजिटल रूप से सशक्त कानून-व्यवस्था बल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो आधुनिक चुनौतियों से निपटने और बेहतर गवर्नेंस सुनिश्चित करने में सक्षम हो।