हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, श्री ए. श्रीनिवास ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार राज्य की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 1 अगस्त से 18 अगस्त 2025 तक किया गया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है।श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से प्रारूप सूची पर कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई है।
हालांकि अब तक मतदाताओं से कुल 45,616 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1,348 आपत्तियों का निपटारा 7 दिनों के भीतर कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं की ओर से 1,52,651 प्रपत्र-6 और घोषणा पत्र आवेदन प्राप्त हुए हैं।आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार दावे और आपत्तियों का निपटारा संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा पात्रता दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 7 दिन पूरे होने पर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) आदेशों के तहत 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित प्रारूप सूची से किसी भी नाम को बिना जांच-पड़ताल किए और उचित अवसर प्रदान किए बिना, ईआरओ/एईआरओ द्वारा स्पष्ट आदेश पारित किए बिना हटाया नहीं जा सकता।हटाए गए मतदाताओं की सूची, जिनके नाम 1 अगस्त, 2025 की प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों/जिला मजिस्ट्रेटों (जिला-वार) की वेबसाइटों पर तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर ईपीआईसी सर्च मोड में उपलब्ध है।
प्रभावित व्यक्ति अपनी आधार कार्ड की प्रति संलग्न कर दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों, नागरिकों और संगठनों से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करने में सहयोग करने की अपील की है, जो सटीक, पारदर्शी और सर्वसमावेशी हो।