पंजाब के उच्च शिक्षा और भाषाएं मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब की विरासती धरोहर सरकारी महिंद्रा कॉलेज को और प्रफुल्लित व विकसित करने के लिए पंजाब सरकार वचनबद्ध है। 150 वर्षों के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक यह संस्था निरंतर तरक्की करे, इसके लिए जो भी आवश्यक होगा वह राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने यह बात सरकारी महिंद्रा कॉलेज के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, पटियाला से विधायक अजीतपाल सिंह कोहली तथा उच्च शिक्षा निदेशक हरप्रीत सिंह सूदन भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
स्थापना दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमाने वाली 41 हस्तियों को सम्मानित करते हुए श्री बैंस ने कहा कि यह गर्व की बात है कि उत्तरी भारत की सबसे पुरानी शैक्षिक संस्था ने इन 150 वर्षों में देश को न्यायिक अधिकारी, आईएएस, आईपीएस, पीसीएस सहित सेना, पुलिस, पत्रकारिता व अन्य अनेक क्षेत्रों में योगदान देने वाले छात्र दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने शिक्षा के माध्यम से पंजाबियों को समयानुकूल बनाने और समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस मौके पर विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार की प्राथमिकताओं में पहले दिन से ही शिक्षा और स्वास्थ्य को विशेष स्थान रहा है तथा इन क्षेत्रों में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मनिंदर कौर सिद्धू ने अतिथियों का स्वागत किया और कॉलेज की गौरवशाली विरासत से उपस्थित लोगों को अवगत कराया।
इस अवसर पर कॉलेज के पूर्व छात्र बहादुर सिंह और उनकी टीम ने कॉलेज के 150 वर्षों की यात्रा पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म रिलीज़ की और स्मारिका जारी की। इस दौरान राज्यसभा के पूर्व सदस्य और अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन श्री तृलोचन सिंह ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए।
कॉलेज के पूर्व अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष प्रो. स्वराज राज ने कॉलेज के "150 वर्षीय सफ़र-ए-फ़ख़र" की महत्ता बताते हुए इसके आरंभ और उपलब्धियों की चर्चा की और अंत में उपस्थित हस्तियों व कॉलेज प्राचार्या का धन्यवाद किया। मंच संचालन डॉ. मुहम्मद सोहेल ने कुशलता से किया। समारोह में जगत गुरु नानक यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रतन सिंह, मनवेश सिंह सिद्धू, नवरीत कौर सेखों, कर्नल चर्नजोत सिंह वालिया, मेयर कुंदन गोगिया, तथा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य, अध्यापक और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
समारोह के दौरान पूर्व छात्रों को सम्मानित करते समय उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सेवा-निवृत्त अधिकारियों का चरणस्पर्श करके सत्कार किया।
सम्मानित हस्तियाँ
"सफ़र-ए-फ़ख़र" कार्यक्रम में महिंद्रा कॉलेज के कुल 41 एलुमनी को सम्मानित किया गया। इनमें शामिल थे:
पूर्व राज्यसभा सदस्य श्री तृलोचन सिंह, माननीय जस्टिस एम.आर. अग्निहोत्री, माननीय जस्टिस गुरबीर सिंह, पूर्व डीजीपी एम.पी.एस. ओलख, आईएएस जगजीत पुरी, आईपीएस हरमोल सिंह, आईपीएस अमरजोत सिंह गिल, पूर्व जिला लोक संपर्क अधिकारी उजागर सिंह, संयुक्त निदेशक, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब - ईशविंदर सिंह ग्रेवाल, प्रो. जी.एस. राही, प्रो. गुरमोहन सिंह वालिया, मेजर जनरल जी.एस. सिद्धू, जी.एस. सिद्धू (आईआरएस), आईएएस शिवदुलार सिंह सिद्धू , माननीय जस्टिस परनजीत सिंह, प्रो. बलकार सिंह, डॉ. जे.पी.एस. वालिया, डॉ. धनवंत सिंह, डॉ. मनमोहन सिंह, आईपीएस परनजीत सिंह ग्रेवाल, आईएएस जसकरण सिंह, आईएएस अमृत गिल, आईपीएस जस्प्रीत सिंह, रिटायर्ड आईजी पी.एस. गिल, दलजीत राणा, अमरजीत सिंह कालेका, पत्रकार गुरप्रीत सिंह चठा, प्रो. एस.एम. वर्मा, प्रो. अलंकार सिंह, प्रो. स्वराज राज, श्री दीपक ठाकुर, पलविंदर चीमा, पत्रकार जुपिंदरजीत सिंह, पत्रकार राजेश पंजोला, कर्नल बी.एस. चहल, कर्नल सुरिंदर सिंह, पूर्व भारतीय क्रिकेटर रीतेन्द्र सिंह सोढ़ी, प्रतीक बडेड़ा (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा), एडीसी नवरीत कौर सेखों, सेवानिवृत्त सीनियर असिस्टेंट बलबीर सिंह, चर्नजीत सिंह।