Saturday, 13 June 2026

 

 

खास खबरें मावां -धीयाँ सम्मान योजना का लाभ हर पात्र महिला तक पहुंचाना हमारा संकल्प : जय कृष्ण सिंह रौड़ी नायब सिंह सैनी ने बाबा भूमणशाह, सिरसा गद्दी महंत श्री ब्रह्म दास जी से की भेंट, लिया आशीर्वाद भारत की अध्यक्षता में ‘ब्रिक्स इंदौर डिक्लेरेशन’, वैश्विक कृषि सहयोग का नया घोषणापत्र आप की उम्मीद से पहले ही उलटी गिनती शुरू हो चुकी है : अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग जेल में बंद गैंगस्टर से जुड़े दो व्यक्ति बठिंडा से गिरफ्तार ; दो पिस्तौल बरामद प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल सेवा, सुशासन और संकल्प की मिसाल : हरदीप सिंह पुरी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप : पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ अभियान शुरू करना चाहेगा भारत असद अली खान : कहानी रुद्र वीणा के उस साधक की, जिनके बाद खाली पड़ गई एक परंपरा बीएचयू में निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का योगी आदित्यनाथ ने किया स्थलीय निरीक्षण मध्य प्रदेश पुलिस की पहली जिम्मेदारी जनता में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम करना : सीएम मोहन यादव कविन्द्र गुप्ता ने माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की शाहपुर में गैस किल्लत पर सख्त हुए केवल सिंह पठानिया राजनाथ सिंह ने डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में 217वें कोर्स की संयुक्त दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया कल्याड़ा में 50 लाख से बनेगा ओबीसी भवन : केवल सिंह पठानिया अनिल विज ने साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में फायर ब्रिगेड तैनात करने के दिए निर्देश ऑस्ट्रेलिया ओपन : पीवी सिंधु सेमीफाइनल में यामागुची से हारीं, भारत का अभियान समाप्त 30 जून को सेना प्रमुख का पद संभालेंगे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ महाराष्ट्र के धुले में बस ने बाइक को मारी टक्कर, मां-बेटे सहित तीन की दर्दनाक मौत पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की उल्टी गिनती शुरू : नायब सिंह सैनी रक्षा खडसे ने जीवंत ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत लद्दाख के सीमावर्ती गांवों का तीन दिवसीय दौरा पूरा किया भजन लाल की विरासत को आगे बढ़ा रहे कुलदीप बिश्नोई जैसे जननेताओं की हरियाणा को जरूरत : वीरेश शांडिल्य

 

बिहार विधानसभा चुनाव : कोसी की लहरों पर बरारी की जंग, दल-बदल और विकास का दंगल में कौन बनेगा विजेता?

Election Special
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

पटना , 05 Aug 2025

Last updated on: Aug 06, 2025, 16:01 IST

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कटिहार जिले की बरारी विधानसभा सीट पर हर किसी की नजर टिकी हुई है। यह सीट चुनावी चर्चा का केंद्र बन गई है। सामान्य श्रेणी की यह विधानसभा सीट न केवल अपनी सामाजिक और भौगोलिक विविधताओं के कारण बल्कि राजनीतिक उठापटक और दल-बदलुओं के गढ़ के रूप में भी जानी जाती है। 

यह क्षेत्र कोसी नदी के निकट होने के कारण इसकी मिट्टी अत्यंत उपजाऊ है। यहां की प्रमुख फसलें धान, गेहूं और केला हैं, जिन पर इस क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था टिकी हुई है। साथ ही, बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में कार्यरत हैं और उनकी ओर से भेजे जाने वाले रेमिटेंस भी स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

रोजगार के सीमित अवसरों के कारण यहां से मौसमी पलायन आम बात है, जो चुनावी रणनीतियों को भी प्रभावित करता है। भौगोलिक दृष्टिकोण से बरारी का संपर्क तंत्र बेहतर है। यह कटिहार शहर से लगभग 12 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है और राष्ट्रीय राजमार्ग 31 तथा कटिहार जंक्शन रेलवे स्टेशन से जुड़ा है। 

बरारी के आसपास मनीहारी, नवगछिया, कॉलगोंग और पूर्णिया जैसे प्रमुख स्थल हैं, जिससे यह क्षेत्र व्यापार, परिवहन, राजनीतिक और रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण बनता है। वहीं, गुरुद्वारा साहेब बरारी इस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक भी माना जाता है।

बरारी विधानसभा सीट की स्थापना 1957 में हुई थी। शुरुआती दौर में इस सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व रहा और उसने सात में से पांच चुनाव जीते, जिसमें अंतिम जीत 1980 में करुणेश्वर सिंह के नेतृत्व में हुई। इसके बाद से यहां मतदाताओं ने विभिन्न दलों को मौका दिया है। 

भाजपा और राजद ने दो-दो बार, जबकि सीपीआई, जनता पार्टी, लोकदल, जनता दल, एनसीपी, जदयू और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। यहां दल-बदलुओं की भूमिका हमेशा चर्चित रही है। मोहम्मद साकूर ने 1969 में सीपीआई से जीत दर्ज कर कांग्रेस के वर्चस्व को तोड़ा, फिर 1972 में कांग्रेस और 2005 में एनसीपी से चुनाव जीतकर यह साबित किया कि व्यक्तिगत छवि और स्थानीय पकड़ चुनावी समीकरणों में अहम होती है।

 मंसूर आलम ने 1985 में लोकदल, 1995 में जनता दल और 2000 में राजद के टिकट पर जीत दर्ज की, जो इस क्षेत्र में बार-बार बदलते राजनीतिक समीकरणों को दर्शाते हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के विजय सिंह ने राजद के नीरज कुमार को 10,438 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी।

विजय सिंह ने राजनीति में सामाजिक सरोकारों के कारण विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने बाढ़ और कटाव के कारण विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास की मांग को लेकर यह संकल्प लिया कि जब तक पुनर्वास नहीं होगा, वह दाढ़ी नहीं बनाएंगे। उनका यह फैसला जनता के बीच चर्चा का विषय बना रहा। 

विजय सिंह 10वीं पास हैं और उनके पास 2020 के हलफनामे के अनुसार तीन करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिससे उनकी छवि साफ-सुथरी मानी जाती है। जदयू ने उन्हें 2021 में अति पिछड़ा प्रकोष्ठ का प्रदेशाध्यक्ष भी नियुक्त किया था।

चुनाव आयोग के अनुसार, बरारी की कुल अनुमानित जनसंख्या 2024 में 4,80,221 थी, जिसमें पुरुषों की संख्या 2,48,184 और महिलाओं की संख्या 2,32,037 है। चुनाव आयोग के अनुसार, 1 जनवरी 2024 की स्थिति में कुल मतदाताओं की संख्या 2,82,738 है, जिसमें 1,48,555 पुरुष, 1,34,176 महिलाएं और 7 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं। 

इस आंकड़े से स्पष्ट है कि महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस बार के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। बरारी विधानसभा का राजनीतिक इतिहास जितना दिलचस्प रहा है, उतना ही पेचीदा यहां का सामाजिक समीकरण भी है। 

जातीय संतुलन, विकास के मुद्दे, प्रवासी मतदाताओं की भूमिका, बाढ़ और कटाव से जुड़ी समस्याएं, रोजगार का संकट और स्थानीय नेतृत्व की विश्वसनीयता इस बार भी चुनावी फैसलों को प्रभावित करेंगे। जदयू के सामने जहां सत्ता में बने रहने की चुनौती है, वहीं राजद, भाजपा और अन्य दल सत्ता में आने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

 

Tags: Election Special

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD