जिला प्रशासन अमृतसर ने डिप्टी कमिश्नर श्रीमती साक्षी साहनी के नेतृत्व में एक और अनूठी पहल की शुरुआत करते हुए पराली न जलाने वाले किसानों को किसान प्राथमिकता कार्ड देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर ने जिले के छोटे और सीमांत किसानों, जिन्होंने पिछले वर्ष पराली नहीं जलाई थी, के साथ बैठक करते हुए कहा, “आप हमारे हीरो हैं, जो पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए एक मिसाल कायम कर रहे हैं।”
डिप्टी कमिश्नर ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि प्रशासन की ओर से ऐसे किसानों को किसान प्राथमिकता कार्ड प्रदान किए जाएंगे। यह कार्ड सेवा केंद्रों, फर्द केंद्रों तथा अन्य सरकारी कार्यों में उपयोग किए जा सकेंगे, जहाँ इनके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी सरकारी दफ्तरों में ऐसे किसानों के लिए पार्किंग की सुविधा मुफ्त रहेगी। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि ज़िले के ज़ीरो बर्निंग गाँवों को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और उनका सम्मान भी किया जाएगा।
श्रीमती साहनी ने बताया कि प्रशासन की ओर से कृषि यंत्र बेचने वाली निजी कंपनियों से भी तालमेल किया जा रहा है, और इन कंपनियों से कहा जाएगा कि जो किसान पराली नहीं जलाते, उन्हें कृषि यंत्रों पर विशेष छूट दी जाए। इसके अतिरिक्त, अन्य निजी क्षेत्र की कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है, जो इन अग्रणी किसानों को अपने उत्पादों पर छूट मुहैया करवा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसानों को सरकार द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विशेष निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे ताकि वे इन आयोजनों में भाग ले सकें। बैठक के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी श्री बलजिंदर सिंह भुल्लर ने किसानों को सतर्क करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल कृषि विश्वविद्यालय तथा किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों का ही पालन करें।