आगामी पवित्र मुहर्रम-उल-हरम महीने के मद्देनजर कृषि उत्पादन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज मंत्री जाविद अहमद डार ने बडगाम जिले में की जा रही व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। पवित्र अवधि के दौरान धार्मिक प्रथाओं के पालन को सुगम बनाने के लिए सुचारू और समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी।
इस बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, विधायक चडूरा अली मोहम्मद डार, विधायक बीरवाह डॉ. शफी अहमद वानी, विधायक खान साहिब सैफ-उद-दीन भट्ट, उपायुक्त बडगाम डॉ. बिलाल मोहिउद-दीन भट्ट और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
जिले के सभी निर्वाचन क्षेत्रों से विभिन्न शिया संघों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। बातचीत के दौरान शिया समुदाय के प्रतिनिधियों ने गणमान्य लोगों को अपनी मांगों और चिंताओं से अवगत कराया। इनमें निर्बाध जल और बिजली आपूर्ति, सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, आंतरिक सड़कों और गलियों का मकैडमाइजेशन, स्वच्छता अभियान और मुहर्रम के सुरक्षित और सम्मानजनक पालन को सुनिश्चित करने के लिए समग्र बुनियादी ढाँचागत सहायता शामिल थी।
इस अवसर पर बोलते हुए, जाविद डार ने नागरिक प्रशासन और समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच सक्रिय समन्वय के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को वास्तविक मुद्दों को तुरंत हल करने और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई सभी मांगों और मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। उन्होंने उपायुक्त को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि खासकर पवित्र अवसरों के दौरान सभी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार, नासिर असलम वानी ने प्रतिभागियों को आश्वासन दिया कि सभी संभव मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और मुहर्रम के दिनों में शिया बहुल क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
बडगाम के उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट्ट ने भी जनप्रतिनिधियों और शिया प्रतिनिधिमंडलों को आश्वासन दिया कि धार्मिक आयोजनों के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन की सुविधा के लिए एक व्यापक योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि चैबीसों घंटे शिकायत निवारण और समन्वय हेतु एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा।
बैठक का समापन सांप्रदायिक सद्भाव, आपसी सहयोग और जिला बडगाम में मुहर्रम-उल-हराम की पवित्रता और सुचारू पालन सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की संयुक्त अपील के साथ हुआ।