उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मणिगाम पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, गांदरबल में जम्मू-कश्मीर पुलिस कांस्टेबलों के बेसिक रिक्रूट ट्रेनिंग कोर्स के 16वें बैच की पासिंग आउट परेड में भाग लिया। आज पीटीएस मणिगाम में 86 महिलाओं सहित कुल 438 रंगरूटों ने अपना कठोर प्रशिक्षण पूरा किया।
इनमें से 211 बहादुर कांस्टेबल पहले एसपीओ के रूप में सेवा दे चुके हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस की वीरता को श्रद्धांजलि देते हुए, उपराज्यपाल ने युवा रंगरूटों को मातृभूमि की रक्षा के लिए परिश्रम और उच्च व्यावसायिकता के साथ काम करने का आह्वान किया।
उपराज्यपाल ने कहा, “देश जम्मू-कश्मीर पुलिस के अमूल्य बलिदान के लिए उनका आभारी है। नागरिक शांति से रह सकते हैं और स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि हमारा पुलिस बल लोगों की जान बचाने और आतंकवाद और अपराध का मुकाबला करने में दृढ़ है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस का अनुकरणीय साहस और उनकी सर्वोच्च वीरता लोगों को आश्वस्त करती है कि यूटी सुरक्षित हाथों में है। आज जम्मू-कश्मीर पुलिस बल की पेशेवरता, निरंतर धैर्य और दृढ़ संकल्प के लिए पूरे देश में प्रशंसा की जाती है।“ उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीएपीएफ आतंकवाद को कुचलने के लिए दृढ़ हैं।
उपराज्यपाल ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में, जम्मू-कश्मीर पुलिस बल, सेना और सीएपीएफ ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद को कुचलने में सफलता हासिल की है, हालांकि, जम्मू संभाग में आतंकवादी घटनाएं बढ़ी हैं, जो चिंता का विषय है। हमारा संकल्प जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों को आतंकवाद मुक्त बनाना है।“
उपराज्यपाल ने पुलिसिंग को नया आकार देने वाली उभरती प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया और जम्मू-कश्मीर पुलिस बल को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और उन्नत उपकरणों को अपनाने और उनकी परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए उनका उपयोग करने का निर्देश दिया।
उपराज्यपाल ने कहा, “हमें उभरते हुए आतंकवाद और संगठित अपराध के खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भविष्य के लिए तैयार पुलिस बल की आवश्यकता है। प्रौद्योगिकी के कारण हो रहे तेजी से बदलावों को देखते हुए, चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने, अपराध प्रवृत्तियों का विश्लेषण करने और अपराध के पैटर्न की भविष्यवाणी करने और जांच में आवश्यक बदलाव करने के लिए हमारा दृष्टिकोण डेटा-केंद्रित पुलिसिंग पर होना चाहिए।“
उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए, उपराज्यपाल ने कहा, उनके प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने जो कौशल, ज्ञान और मूल्य प्राप्त किए हैं, वे एक ठोस आधार प्रदान करेंगे और अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करने की उनकी क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि पेशेवर ट्रेडक्राफ्ट के अलावा, मणिगाम पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में नए रंगरूटों ने जो जीवन मूल्य सीखे हैं और साहस, वीरता, धैर्य, आत्म-बलिदान और अनुशासन जैसे आदर्शों को जीवन में अपनाया है, वे उन्हें भविष्य में सभी प्रकार की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएंगे।“
पिंरसिपल पीटीएस मणिगाम जुबैर अहमद खान ने कार्यक्रम और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। नवनियुक्त जवानों को समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर डीजीपी नलिन प्रभात, अध्यक्ष और एमडी पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन एसजेएम गिलानी, एडीजीपी सशस्त्र आनंद जैन, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मंदीप के. भंडारी, संभागीय आयुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी, आईजीपी कश्मीर विधि कुमार बिरदी, उपायुक्त गांदरबल जतिन किशोर, पुलिस, सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं के परिवार के सदस्य उपस्थित थे।