चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज मोहाली, झंजेड़ी द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इन दो दिनों में जहां बॉलीवुड की मशहूर हस्तियों समेत नामचीन लेखकों ने हिस्सा लिया, वहीं रचनात्मक दिमाग और उत्साही पाठकों ने भी इसमें हिस्सा लेते हुए साहित्य की दुनिया को अपने दिल से महसूस किया।
इस महोत्सव में कहानी सुनाने, बौद्धिक चर्चा और कलात्मक प्रदर्शन का ऐसा खूबसूरत मिश्रण देखने को मिला, जिसने सभी के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। महोत्सव की शुरुआत 'ल्यूमिनरी ऑवर' से हुई, जिसमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बॉलीवुड अभिनेता और प्रेरक वक्ता आशीष विद्यार्थी ने भाग लिया।
आशीष विद्यार्थी ने अपनी अनूठी, आकर्षक बोलचाल की भाषा और बॉलीवुड शैली से दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने साहित्य और प्रदर्शन के अन्तर्संबंध पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही आशीष विद्यार्थी ने कहानियों को समझने, उन्हें प्रेरक ढंग से शब्दों में पिरोने तथा उन शब्दों के माध्यम से पाठक को प्रेरित करने की कला पर गहनता व विस्तार से चर्चा की।
इसके अलावा बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक, लेखक और वक्ता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने 'स्पेक्ट्रम टॉक' में भाग लिया, जो समाज के दर्पण के रूप में साहित्य पर एक रोमांचक चर्चा थी। विवेक अग्निहोत्री के बेबाक विश्लेषण ने श्रोताओं को विरोधी स्वरों और सांस्कृतिक विमर्श में साहित्य की भूमिका पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।
सी जी सी मोहाली के एम डी अर्श धालीवाल ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि साहित्यम 2025 साहित्यिक सोच और बौद्धिक चर्चा को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रतिष्ठित लेखकों, विचारकों और बुद्धिजीवियों को एक साथ लाकर, हम अपने छात्रों और समाज को साहित्य और कला के साथ गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं, ताकि वे अपने व्यक्तिगत विकास और सामाजिक विकास पर इसके गहन प्रभाव को समझ सकें।
महोत्सव का एक अन्य प्रमुख आकर्षण मेगा पुस्तक विमोचन था, जिसमें विभिन्न विधाओं की विचारोत्तेजक कृतियों की एक भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। इस सत्र में लेखकों की रचनात्मक भावना तथा लिखित शब्दों के माध्यम से मानवीय अनुभवों को अमर बनाने की उनकी क्षमता का स्पष्ट प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर जिन पुस्तकों का लोकार्पण किया गया उनमें विजय कुमार की 'द डार्क विदिन', डॉ. शिवानी कौशल, कृष्णा कलसी और जपजीत कौर अरोड़ा, पी एच डी द्वारा 'एम एंड ए कम्पेंडियम: इनसाइट्स फ्रॉम फ्यूचर लीगल माइंड्स', शिवानी कौशल, हर्षदीप सिंह द्वारा 'द ब्लिस: एन इंग्लिश पोएट्री बुक', जपजीत कौर अरोड़ा, आलिया जॉन, मुस्कान धमीजा और आर्यन ठाकुर द्वारा शिवानी कौशिक और आशीष गुलेरिया 'यू डू यू' करमनिया कौर शामिल थे।
'एक शाम पत्र के नाम' शीर्षक से आयोजित एक भावनात्मक सत्र में, महोत्सव ने पत्र लेखन की भूली हुई कला को पुनर्जीवित किया। इसके अलावा आगाज माय स्टोरी समेत कई अन्य सत्र अपनी अमूल्य यादों के साथ समाप्त हुए।