Sunday, 19 May 2024

 

 

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पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के नवम दीक्षांत समारोह में भारत के पूर्व राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविन्द, मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए

इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को 864 पीजी/पीएचडी उपाधियाँ प्रदान की गईं।

Central University of Punjab, CUPB, Bathinda, Prof. Raghvendra P Tiwari, Ram Nath Kovind, Former President of India
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बठिंडा , 20 Mar 2024

भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द मंगलवार को पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के नवम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर जगबीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में कुल 864 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को पीजी/पीएचडी उपाधियाँ प्रदान की गईं। इस कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने 4 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को उनके संबंधित क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान हेतु मानद उपाधि से सम्मानित किया। 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और कीर्ति चक्र पुरस्कार विजेता श्री अजीत डोभाल को मां भारती के वीर सपूत के रूप में राष्ट्र के प्रति की निस्वार्थ सेवा करने हेतु डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। भारत के प्रथम सुपर कंप्यूटर ‘परम’ के वास्तुकार डॉ. विजय भटकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि (डी.एससी.) से सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. हरजीत सिंह सभरवाल को स्वास्थ्य देखभाल और मानवता की सेवाओं में उनके परोपकारी कार्यों के लिए डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। 

प्रशंसित गायक डॉ. जसपिंदर नरूला को भक्तिपूर्ण पंजाबी संगीत को बढ़ावा देने के लिए डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। सभी प्रतिष्ठित हस्तियों ने मानद उपाधि प्रदान करने के लिए पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल ने डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी और युवाओं को राष्ट्र के विकास और समृद्धि में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य अतिथि एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने विभिन्न विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 45 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। उन्होंने महिला छात्रों के पुरुष छात्रों द्वारा अर्जित किए 17 स्वर्ण पदकों की तुलना में 28 स्वर्ण पदक जीतने पर विशेष रूप से महिला छात्रों की प्रशंसा की। उन्होंने युवाओं से मानद उपाधि प्राप्त करने वाले चार प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की प्रेरणादायक कहानियों के बारे में जानने और हमारे देश को गौरवान्वित करने का आग्रह किया।

सभा को संबोधित करते हुए भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द ने दस सिख गुरुओं की भूमि कही जाने वाली पंजाब की धरती पर आने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों को तख्त श्री दमदमा साहिब की पवित्र भूमि के निकट अध्ययन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जहां दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 'श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी' के संकलन को अंतिम रूप दिया था। 

उन्होंने एनईपी 2020 के अनुरूप समग्र शिक्षा प्रदान करने और 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और 22 देशों के अंतरराष्ट्रीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करते हुए अपने परिसर में भारतीय विविधता को बढ़ावा देने हेतु विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता की सराहना की। श्री कोविंद ने शिक्षा और अनुसंधान में उल्लेखनीय योगदान के लिए सीयू पंजाब परिवार की सराहना करते हुए इस बात पर बल दिया कि हाल के वर्षों में विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राघवेंद्र पी. तिवारी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है।

श्री कोविंद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 21वीं सदी भारत के युग का प्रतीक है। उन्होंने अंतरिक्ष, रक्षा प्रौद्योगिकी, वैश्विक कूटनीति आदि क्षेत्रों में देश की हालिया उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। दुनिया ने जी-20 शिखर सम्मेलन के हमारे सफल आयोजन को देखा है और वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय दर्शन को बढ़ावा देने में भारत के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने उल्लेख किया कि हमारे निरंतर प्रयासों ने हमें दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने में सक्षम बनाया है। 

उन्होंने अमृत काल में देश के युवाओं को कड़ी मेहनत करने और 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। मुख्य अतिथि ने उपाधि करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें राष्ट्र निर्माण और अपनी मातृ संस्था की उन्नति के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को हुए  एक सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज के लक्ष्य के साथ राम राज्य के मूल्यों पर आधारित सामाजिक संरचना के निर्माण के लिए अथक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में माननीय कुलाधिपति प्रो. जगबीर सिंह ने डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी और उनसे नवोन्वेषी विचारों के साथ अपनी नई यात्रा शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने आजीवन सीखने वाले दृष्टिकोण को अपनाने के महत्व पर बल देते हुए युवाओं को सामाजिक कल्याण की जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सीयू पंजाब के कुलपति प्रोफेसर राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला । 

उन्होंने कहा कि यह बहुत संतोष की बात है कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा 'ए+’ (A+) ग्रेड प्राप्त हुआ है और पिछले पांच वर्षों में लगातार पांच बार एनआईआरएफ इंडिया रैंकिंग में शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त करने का गौरव हासिल हुआ है। प्रोफेसर तिवारी ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह के माध्यम से विश्वविद्यालय 864 पीजी/पीएचडी डिग्री प्राप्तकर्ताओं को समाज को सौंप रहा है, जो जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश के विकास में योगदान देंगे और बाबासाहेब डॉ. बी.आर. आम्बेडकर के समावेशी समाज बनाने के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु कृत संकल्पित रहेंगे। 

उन्होंने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को श्री गुरु नानक देव जी द्वारा दी गई शिक्षा  “अपने हाथों से अपना भाग्य खुद बनाओ” का पालन करते हुए जीवन में खुद को एक बेहतर इंसान बनाने के लिए प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा ने विश्वविद्यालय का ध्वज थामकर अकादमिक प्रोसेशन  का नेतृत्व किया। डीन प्रभारी अकादमिक प्रो. आर.के. वुसिरिका ने डिग्री प्राप्तकर्ताओं को शपथ दिलाई और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। अंत में परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी.पी. गर्ग ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में संकाय, कर्मचारी, अनुसंधान विद्वान और छात्र शामिल हुए।

ਭਾਰਤ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਮਾਨਯੋਗ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਨਾਥ ਕੋਵਿੰਦ ਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀ ਨੌਵੀਂ ਕਨਵੋਕੇਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ

ਨੌਵੇਂ ਡਿਗਰੀ ਵੰਡ ਸਮਾਰੋਹ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨੇ ਚਾਰ ਆਨਰੇਰੀ ਡਿਗਰੀਆਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀਆਂ

ਬਠਿੰਡਾ

ਭਾਰਤ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਨਾਥ ਕੋਵਿੰਦ ਮੰਗਲਵਾਰ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀ ਨੌਵੀਂ ਕਨਵੋਕੇਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਵਜੋਂ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ। ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਚਾਂਸਲਰ ਪ੍ਰੋ. ਜਗਬੀਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸਮਾਰੋਹ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਕੀਤੀ, ਜਿੱਥੇ ਕੁੱਲ 864 ਭਾਰਤੀ ਅਤੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਪੀ.ਜੀ./ਪੀ.ਐੱਚ.ਡੀ. ਡਿਗਰੀਆਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ। ਇਸ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ, ਵਾਈਸ-ਚਾਂਸਲਰ ਪ੍ਰੋ. ਰਾਘਵੇਂਦਰ ਪ੍ਰਸਾਦ ਤਿਵਾਰੀ ਨੇ ਆਪੋ-ਆਪਣੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਏ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਯੋਗਦਾਨ ਲਈ ਚਾਰ ਨਾਮਵਰ ਸ਼ਖਸੀਅਤਾਂ ਨੂੰ ਆਨਰੇਰੀ ਡਿਗਰੀਆਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀਆਂ। 

ਸ਼੍ਰੀ ਅਜੀਤ ਡੋਵਾਲ, ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਸਲਾਹਕਾਰ ਅਤੇ ਕੀਰਤੀ ਚੱਕਰ ਅਵਾਰਡੀ, ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਨਿਰਸਵਾਰਥ ਸੇਵਾ ਲਈ ਡਾਕਟਰ ਆਫ਼ ਲਿਟਰੇਚਰ (ਡੀ. ਲਿਟ.) (ਆਨਰਿਸ ਕਾਸਾ) ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਭਾਰਤ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸੁਪਰ ਕੰਪਿਊਟਰ ਦੇ ਆਰਕੀਟੈਕਟ, ਡਾ. ਵਿਜੇ ਭਾਟਕਰ, ਨੂੰ ਡਾਕਟਰ ਆਫ਼ ਸਾਇੰਸ (ਡੀ.ਐਸ.ਸੀ.) (ਆਨਰਿਸ ਕਾਸਾ) ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉੱਘੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਡਾ. ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸੱਭਰਵਾਲ ਨੂੰ ਸਿਹਤ ਸੰਭਾਲ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਪਰਉਪਕਾਰੀ ਕਾਰਜਾਂ ਲਈ ਡਾਕਟਰ ਆਫ਼ ਲਿਟਰੇਚਰ (ਡੀ. ਲਿਟ.) (ਆਨਰਿਸ ਕਾਸਾ) ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। 

ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਗਾਇਕਾ ਡਾ. ਜਸਪਿੰਦਰ ਨਰੂਲਾ ਨੂੰ ਭਗਤੀ ਭਰਪੂਰ ਪੰਜਾਬੀ ਸੰਗੀਤ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਡਾਕਟਰ ਆਫ਼ ਲਿਟਰੇਚਰ (ਡੀ.ਲਿਟ.) (ਆਨਰਿਸ ਕਾਸਾ) ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਸਾਰੀਆਂ ਨਾਮਵਰ ਸ਼ਖਸੀਅਤਾਂ ਨੇ ਆਨਰੇਰੀ ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਸ਼੍ਰੀ ਅਜੀਤ ਡੋਵਾਲ, ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਸਲਾਹਕਾਰ, ਨੇ ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਲਈ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕੀਤਾ।

ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ, ਭਾਰਤ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ, ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਨਾਥ ਕੋਵਿੰਦ ਨੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ 45 ਹੋਣਹਾਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਸੋਨੇ ਦੇ ਤਗਮੇ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੇ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਮਹਿਲਾ ਵਿਦਿਆਰਥਣਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਲਈ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਆਨਰੇਰੀ ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਚਾਰ ਉੱਘੀਆਂ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤਾਂ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰੇਰਨਾਦਾਇਕ ਕਹਾਣੀਆਂ ਤੋਂ ਜਾਣੂ ਹੋਣ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਮਾਣ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰਨ।

ਸਮਾਗਮ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਭਾਰਤ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਨਾਥ ਕੋਵਿੰਦ ਨੇ ਦਸ ਸਿੱਖ ਗੁਰੂਆਂ ਦੀ ਧਰਤੀ ਵਜੋਂ ਜਾਣੇ ਜਾਂਦੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ਤੇ ਆਉਣ ਤੇ ਖੁਸ਼ੀ ਪ੍ਰਗਟਾਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਤਖ਼ਤ ਸ੍ਰੀ ਦਮਦਮਾ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਪਵਿੱਤਰ ਧਰਤੀ, ਜਿੱਥੇ ਦਸਵੇਂ ਸਿੱਖ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨੇ 'ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ' ਦੇ ਸੰਕਲਨ ਨੂੰ ਅੰਤਿਮ ਰੂਪ ਦਿੱਤਾ ਸੀ, ਦੇ ਨੇੜੇ ਪੜ੍ਹਨ ਦਾ ਮਾਣ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੈ। 

ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਨੀਤੀ 2020 ਦੇ ਨਾਲ ਸੰਪੂਰਨ ਸਿੱਖਿਆ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਅਤੇ 27 ਰਾਜਾਂ, 7 ਕੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਿਤ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ਾਂ, ਅਤੇ 22 ਦੇਸ਼ਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਮਿਆਰੀ ਉੱਚ ਸਿੱਖਿਆ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਕੇ ਆਪਣੇ ਕੈਂਪਸ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ। ਸ਼੍ਰੀ ਕੋਵਿੰਦ ਨੇ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਖੋਜ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਯੋਗਦਾਨ ਲਈ ਸੀਯੂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ। 

ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਾਲ ਹੀ ਦੇ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀਆਂ ਜ਼ਿਕਰਯੋਗ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਪ੍ਰਮਾਣ ਹਨ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਕੇਂਦਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਾਈਸ-ਚਾਂਸਲਰ ਪ੍ਰੋ. ਰਾਘਵੇਂਦਰ ਪੀ. ਤਿਵਾਰੀ ਦੀ ਦੂਰਅੰਦੇਸ਼ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਉੱਤਮਤਾ ਵੱਲ ਵੱਧ ਰਹੀ ਹੈ। ਸ਼੍ਰੀ ਕੋਵਿੰਦ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ 21ਵੀਂ ਸਦੀ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਨਵੀਆਂ ਬੁਲੰਦੀਆਂ ਨੂੰ ਛੁਹ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪਿਛਲੇ ਇਕ ਦਹਾਕੇ ਵਿੱਚ ਦੇਸ਼ ਨੇ ਹਵਾਬਾਜ਼ੀ, ਰੱਖਿਆ ਤਕਨਾਲੋਜੀ, ਗਲੋਬਲ ਡਿਪਲੋਮੇਸੀ ਆਦਿ ਵਿੱਚ ਨਵੇਂ ਮਾਪਦੰਡ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਭਾਰਤ ਨੇ ਏਰੋਸਪੇਸ, ਰੱਖਿਆ ਤਕਨਾਲੋਜੀ, ਕੂਟਨੀਤੀ, ਅਤੇ ਹੋਰ ਕਈ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਤਰੱਕੀ ਕੀਤੀ ਹੈ। 

ਵਿਸ਼ਵ ਨੇ ਜੀ-20 ਸਿਖਰ ਸੰਮੇਲਨ ਦੇ ਸਾਡੇ ਸਫਲ ਆਯੋਜਨ ਨੂੰ ਦੇਖਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਵਸੁਧੈਵ ਕੁਟੁੰਬਕਮ ਦੇ ਭਾਰਤੀ ਦਰਸ਼ਨ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਭਾਰਤ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੀਆਂ ਲਗਾਤਾਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਨੇ ਸਾਨੂੰ ਦੁਨੀਆ ਦੀਆਂ ਪੰਜ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀਆਂ ਅਰਥਵਿਵਸਥਾਵਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਬਣਨ ਦੇ ਯੋਗ ਬਣਾਇਆ ਹੈ।  ਅੱਜ ਸਾਰੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਾਡੀ 55% ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੌਜਵਾਨ ਜਨਸੰਖਿਆ ਦਾ ਲਾਭ ਉਠਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਕਾਲ ਵਿੱਚ ਪੁਰਜ਼ੋਰ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨ ਅਤੇ 2047 ਤੱਕ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਵਿਕਸਤ ਭਾਰਤ ਬਣਾਉਣ ਵੱਲ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ।

ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਨੇ ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਗਿਆਨ ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰ-ਨਿਰਮਾਣ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਮਾਤ ਵਿਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਲਈ ਵਰਤਣ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਰਾਮ ਰਾਜ ਦੀਆਂ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ 'ਤੇ ਅਧਾਰਤ ਸਮਾਜਿਕ ਢਾਂਚੇ ਦੀ ਨੀਂਹ ਉੱਤੇ ਇੱਕ ਸਦਭਾਵੀ ਅਤੇ ਸਮਾਵੇਸ਼ੀ ਸਮਾਜ ਦੀ ਉਸਾਰੀ ਲਈ ਅਣਥੱਕ ਕੋਸ਼ਿਸਾਂ ਕਰਨ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕੀਤਾ। 

ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਜੀਵਨ ਭਰ ਸਿੱਖਣ ਵਾਲੇ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਨੂੰ ਅਪਣਾਉਣ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ 'ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰਨ ਲਈ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕੀਤਾ। ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਵਿੱਚ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਵਾਈਸ-ਚਾਂਸਲਰ ਪ੍ਰੋ. ਰਾਘਵੇਂਦਰ ਪੀ. ਤਿਵਾਰੀ ਨੇ ਸਵਾਗਤੀ ਭਾਸ਼ਣ ਦਿੱਤਾ, ਅਤੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੀਆਂ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ 'ਤੇ ਚਾਨਣਾ ਪਾਇਆ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਬਹੁਤ ਤਸੱਲੀ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨੂੰ ਨੈਕ ਦੁਆਰਾ 'ਏ+' ਗ੍ਰੇਡ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਐਨਆਈਆਰਐਫ ਇੰਡੀਆ ਰੈਂਕਿੰਗ ਵਿੱਚ ਚੋਟੀ ਦੀਆਂ 100 ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਚ ਪੰਜ ਵਾਰ ਵਧੀਆ ਸਥਾਨ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਹੈ। 

ਪ੍ਰੋ. ਰਾਘਵੇਂਦਰ ਪ੍ਰਸਾਦ ਤਿਵਾਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਕਨਵੋਕੇਸ਼ਨ ਰਾਹੀਂ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ 864 ਪੀ.ਜੀ./ਪੀ.ਐੱਚ.ਡੀ. ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤਕਰਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਸੌਂਪ ਰਹੀ ਹੈ, ਜੋ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਨਾਗਰਿਕ ਵਜੋਂ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣਗੇ ਅਤੇ ਬਾਬਾ ਸਾਹਿਬ ਡਾ.ਬੀ.ਆਰ. ਅੰਬੇਡਕਰ ਦੇ ਸਮਾਵੇਸ਼ੀ ਸਮਾਜ ਦੀ ਸਿਰਜਣਾ ਦੇ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਨੂੰ ਸਾਕਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਾਰਜ ਕਰਨਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ "ਆਪਣੀ ਕਿਸਮਤ ਆਪਣੇ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਬਣਾਓ" 'ਤੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਬਿਹਤਰ ਵਿਅਕਤੀ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਨ।

ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਰਜਿਸਟਰਾਰ ਡਾ. ਵਿਜੇ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਝੰਡੇ ਨਾਲ ਅਕਾਦਮਿਕ ਪ੍ਰੋਸੈਸ਼ਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਕੀਤੀ। ਡੀਨ ਇੰਚਾਰਜ ਅਕਾਦਮਿਕ ਪ੍ਰੋ. ਆਰ.ਕੇ. ਵੁਸੀਰਿਕਾ ਨੇ ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਸਹੁੰ ਚੁਕਾਈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਉਜਵਲ ਭਵਿੱਖ ਲਈ ਸ਼ੁੱਭ ਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ। ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ਕੰਟਰੋਲਰ ਪ੍ਰੀਖਿਆਵਾਂ ਪ੍ਰੋ. ਬੀ. ਪੀ. ਗਰਗ ਨੇ ਮੰਚ ਦਾ ਸੰਚਾਲਨ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਰਸਮੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਧੰਨਵਾਦ ਦਾ ਮਤਾ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਵਿੱਚ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਸਮੂਹ ਅਧਿਆਪਕ, ਕਰਮਚਾਰੀ, ਖੋਜਾਰਥੀ ਅਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ।

Former President of India, Shri Ram Nath Kovind, graces as Chief Guest in Ninth Convocation of Central University of Punjab

864 PG/Ph.D. Degrees conferred to Indian and International Students during this Programme.

Bathinda 

The Former President of India, Shri Ram Nath Kovind, graced the occasion as the Chief Guest in the Ninth Convocation of Central University of Punjab on Tuesday. Prof. Jagbir Singh, Chancellor of the University, presided over the ceremony, where a total 864 PG/Ph.D. Degrees were conferred to Indian and International Students.

During this auspicious event, Prof. Raghavendra P. Tiwari, the Vice-Chancellor, conferred Honorary Degrees to four distinguished personalities, recognizing their remarkable contribution in respective domains.  Shri Ajit Doval, National Security Advisor and Kirti Chakra Awardee, was honored with the Degree of Doctor of Literature (D.Litt.) (Honoris Causa) in acknowledgement of his selfless service to the nation as an illustrious son of Bharat Mata.  

Dr. Vijay Bhatkar, the architect of India’s first Supercomputer, bestowed with the Honoris Causa Doctor of Science (D.Sc.). Dr. Harjit Singh Sabharwal, renowned social worker, was honored with the Degree of Doctor of Literature (D.Litt.) (Honoris Causa) for his philanthropic work in healthcare and services to humanity. Dr. Jaspinder Narula, the acclaimed singer, was conferred with Honoris Causa Degree of Doctor of Literature for promoting devotional Punjabi Music.

All the distinguished personalities expressed their gratitude towards CU Punjab for receiving the prestigious Honoris Causa Degree. Shri Ajit Doval, National Security Advisor, congratulated degree recipients and encouraged youngsters to contribute to the development and prosperity of nation. In recognition of academic excellence, the Chief Guest, Former President of India, Shri Ram Nath Kovind, awarded Gold Medals to 45 meritorious students securing first position in their respective disciplines. 

He particularly praised the female students for clinching the majority of these accolades, underscoring the commendable performance of women across various higher educational institutions. This exemplifies the profound impact of women's empowerment in the nation-building process. He urged youngsters to know about inspirational stories of four distinguished personalities and make our nation proud.

Addressing the gathering, Former President of India, Shri Ram Nath Kovind, expressed his deep admiration for Punjab, renowned as the land of ten Sikh Gurus, which has always held a special place in his heart. He emphasized that the students of the Central University of Punjab are privileged to study near to the sacred land of Takht Sri Damdama Sahib, where the tenth Sikh Guru, Shri Guru Gobind Singh Ji finalized compilation of ‘Sri Guru Granth Sahib Ji’. 

He lauded the university's commitment for providing holistic education aligned with NEP2020 and to fostering Indian diversity in its campus by providing quality higher education to students of 27 states, 7 UTs, and international students of 22 Countries. Shri Kovind applauded the CU Punjab fraternity for their remarkable contributions to education and research. 

He emphasized that the university's noteworthy achievements in recent years are a testament to its journey towards excellence under the visionary leadership of the Vice-Chancellor Prof. Raghavendra P. Tiwari. Shri Kovind highlighted that the 21st Century signifies the era of Bharat (India), emphasizing the nation's recent achievements across aviation, defense technology, global diplomacy etc. In the past year, India has made significant strides in aerospace, defense technology, diplomacy, and other fields. 

The world has witnessed our successful organization of the G-20 summit and applauded India’s efforts in promoting the Bharatiya philosophy of Vasudhaiva Kutumbakam. He mentioned that our consistent efforts have enabled us to become one of the world's five largest economies. 

Recognizing India's demographic advantage with more than 55% youth population, Shri Kovind emphasized the need to capitalize on this advantage and maximize the utilization of the current era, termed as Amritkaal, to propel the nation towards becoming a developed Bharat (India) by 2047. The Chief Guest extended heartfelt congratulations to the degree recipients and urged them to harness their knowledge for nation-building and the advancement of their alma mater. 

He inspired them to embrace the spirit of warriors, striving tirelessly to construct a social structure grounded in the values of Ram Rajya, aiming for a harmonious and inclusive society. In his Presidential Address, Hon'ble Chancellor Prof. Jagbir Singh congratulated the degree recipients and urged them to embark on their post-academic journey with innovative ideas and a pursuit of their passions. 

He emphasized the importance of adopting a lifelong learner approach and encouraged them to take responsibility for societal welfare. At the onset of the program, CUPB Vice Chancellor Prof. Raghavendra P. Tiwari delivered the welcome address, shedding light on the university’s remarkable achievements. 

He underscored the university's pride in achieving an 'A+' grade accreditation by the NAAC in its second cycle and maintaining a consistent position among the top 100 universities in the NIRF India Rankings for the past five years. Prof. Raghavendra P. Tiwari asserted that through this convocation, the University is entrusting society with 864 PG/PhD degree recipients, who, as responsible citizens, will play pivotal roles in the nation's development and uphold Babasaheb Dr. B.R. Ambedkar's vision of fostering an inclusive society. 

He inspired the degree recipients to always remember Shri Guru Nanak Dev Ji’s proclamation of “With your hands carve out your own destiny” and derive inspiration for conducting yourself in Life. During this programme, Dr. Vijay Sharma, Registrar, led the academic procession holding the university flag. Prof. R.K. Wusirika, Dean Incharge Academic, administered the pledge to the degree recipients and gave them best wishes for a bright future. 

During this programme, Prof. B.P. Garg, Controller of Examinations, coordinated the stage for conferring the degrees to recipients. He gave a formal vote of thanks towards the end of the programme. Faculty, staff, research scholars and students attended this programme.

 

Tags: Central University of Punjab , CUPB , Bathinda , Prof. Raghvendra P Tiwari , Ram Nath Kovind , Former President of India

 

 

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