प्रो. (डॉ.) रतन गुप्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स बठिंडा के दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर मार्गदर्शन में संस्थान उन्नत रोगी देखभाल और विशेषीकृत शल्य चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मीडिया को संबोधित करते हुए प्रो. गुप्ता ने बताया कि एम्स बठिंडा ने पिछले दो महीनों के दौरान सफलतापूर्वक 10 कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की हैं।
यह उपलब्धि क्षेत्र में उन्नत श्रवण पुनर्स्थापन सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इनमें से अधिकांश सर्जरी पंजाब सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत निःशुल्क की गईं, जिससे पात्र बच्चों को बिना किसी आर्थिक बोझ के यह जीवन बदलने वाला उपचार उपलब्ध हो सका। प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, एम्स बठिंडा ने संस्थान की उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफल कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम के अतिरिक्त एम्स बठिंडा ने 100 कॉर्नियल प्रत्यारोपण तथा 10 गुर्दा प्रत्यारोपण भी सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
यह संस्थान की उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाता है। एम्स बठिंडा का कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, पूर्व प्रोफेसर एवं प्रधान सलाहकार, ईएनटी विभाग, एबीवीआईएमएस एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। उनके नेतृत्व में ईएनटी विभाग ने एक व्यापक कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम सफलतापूर्वक स्थापित किया है।
ईएनटी विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वैभव सैनी के नेतृत्व में डॉ. विकासदीप गुप्ता (एसोसिएट प्रोफेसर), डॉ. निखिल राजन (एसोसिएट प्रोफेसर) तथा डॉ. अंकुर मोहन (सहायक प्रोफेसर) ने एम्स बठिंडा में कॉक्लियर इम्प्लांट सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभाग एक समर्पित बहु-विषयक टीम के माध्यम से रोगी मूल्यांकन, शल्य चिकित्सा, डिवाइस प्रोग्रामिंग, श्रवण पुनर्वास, स्पीच थेरेपी तथा दीर्घकालिक फॉलो-अप सहित सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराता है।
कॉक्लियर इम्प्लांट उन बच्चों और वयस्कों के लिए एक प्रभावी उपचार है, जिन्हें गंभीर से अत्यंत गंभीर श्रवण हानि है और जिन्हें हियरिंग एड से सीमित लाभ मिलता है। विशेष रूप से बच्चों में समय पर पहचान और शीघ्र कॉक्लियर इम्प्लांट कराना, उनकी वाणी, भाषा, सीखने की क्षमता तथा संचार कौशल के सामान्य विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
एम्स बठिंडा में इन सेवाओं की उपलब्धता से पंजाब तथा पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए उन्नत श्रवण उपचार अधिक सुलभ हो गया है, जिससे वे अपने घर के निकट समय पर उपचार एवं पुनर्वास प्राप्त कर पा रहे हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में एम्स बठिंडा नवीनतम पीढ़ी की स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट तकनीक का उपयोग करते हुए द्विपक्षीय कॉक्लियर इम्प्लांट सफलतापूर्वक करने वाला भारत का पहला एम्स बन गया है।
यह उपलब्धि संस्थान की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के माध्यम से मरीजों तक श्रवण उपचार की नवीनतम तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। एम्स बठिंडा उन्नत श्रवण पुनर्स्थापन सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि गंभीर श्रवण हानि से पीड़ित बच्चों और वयस्कों को समय पर उपचार, समग्र पुनर्वास तथा बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।