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मुख्यमंत्री का स्वप्नमयी प्रोजैक्ट ‘महाराजा भूपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी’ 500 करोड़ रुपए की लागत से होगी स्थापित : राणा गुरमीत सिंह सोढी

कैप्टन अमरिन्दर सिंह 25 अक्तूबर को यूनिवर्सिटी बिल्डिंग के निर्माण कार्य का नींव पत्थर रखेंगे

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चंडीगढ़ , 23 Oct 2020

Last updated on: Oct 23, 2020, 00:00 IST

पंजाब के समृद्ध खेल विरासत और खेल में पंजाब के दबदबे को फिर से कायम करने का सपना पटियाला में महाराजा भूपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी की स्थापना से साकार होने जा रहा है। लगभग 500 करोड़ रुपए की लागत से 92.7 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाली यूनिवर्सिटी की इमारत में अत्याधुनिक खेल, रिहायशी और अकादमिक सूविधाएं मुहैया करेगी।पंजाब के खेल, युवक सेवाएं और प्रवासी भारतीय मामलों बारे मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने आज यहाँ एक प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की दूरदर्शी और रचनात्मक सोच स्वरूप गाँव सिद्धूवाल में पटियाला-भादसों रोड और राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के नज़दीक महाराजा भूपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी का अत्याधुनिक खेल सुविधाओं से लैस अपना कैंपस स्थापित करने के लिए 92.7 एकड़ ज़मीन ली गई।इस मौके पर खेल मंत्री ने खेल यूनिवर्सिटी बारे मुकम्मल जानकारी देती एक पुस्तिका भी जारी की। उन्होंने कहा कि एम.बी.एस. पंजाब खेल यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह 25 अक्तूबर को रखेंगे। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी का नक्शा लोक निर्माण विभाग के पंजाब के मुख्य आर्कीटैक्ट ने तैयार किया है।राणा सोढी ने यह भी खुलासा किया कि 500 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के साथ तैयार होने वाली इस यूनिवर्सिटी में खेल विज्ञान, खेल प्रौद्यौगिकी, खेल प्रबंधन और अंतर्राष्ट्रीय मापदण्डों वाली खेल कोचिंग के साथ खेल शिक्षा को उत्साहित करने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और अकादमिक बुनियादी ढांचे वाला एक आधुनिक कैंपस स्थापित किया जायेगा। खेल मंत्री ने आगे कहा कि मौजूदा समय में यह यूनिवर्सिटी महेन्द्रा कोठी, पटियाला और गुरसेवक कॉलेज ऑफ फिजि़कल ऐजूकेशन, पटियाला में चल रही है और हाल ही में अपना पहला अकादमिक वर्ष पूरा किया है।खेल मंत्री ने कहा कि एमबीएस पंजाब खेल यूनिवर्सिटी के विचार की कल्पना मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा की गई, जो ख़ुद एक बेमिसाल निशानेबाज़, खेल प्रेमी और पोलो खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने महसूस किया कि यदि पंजाब ने अपने खेल विरसे और दबदबे को फिर से कायम करना है तो पंजाब के लिए एक विशेष खेल यूनिवर्सिटी स्थापित करना अनिवार्य है और अब मुख्यमंत्री ने अपने सपने को अमली जामा पहनाया है।ओलम्पिक चैंपियन निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा, हॉकी ओलम्पियन अजीत सिंह और प्रभजोत सिंह, खेल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर लैफ्टिनैंट जनरल (सेवामुक्त) डॉ. जगबीर सिंह चीमा, प्रमुख सचिव खेल श्री के. सिवा प्रसाद, डायरैक्टर खेल श्री डी.पी. खरबन्दा, खेल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कर्नल नवजीत सिंह संधू, एन.आर.आई. कोऑर्डीनेटर मनजीत सिंह निझ्झर यू.के., करण गिलहोतरा और ज्वाइंट सचिव खेल कौंसिल करतार सिंह की हाजऱी वाले इस समारोह को संबोधन करते हुए खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि खेल विज्ञान, प्रौद्यौगिकी, प्रबंधन और कोचिंग में महारत प्रदान करने के अलावा यूनिवर्सिटी अंतरराष्ट्रीय स्तरीय मापदंड अपनाकर चुनिंदा विषयों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर भी कार्य करेगी।

अत्याधुनिक आउटडोर और इन्डोर खेल सूविधाएं होंगी मुहैया

खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने बताया कि महाराजा भुपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी कैंपस का निर्माण कार्य पूरा होने से अत्याधुनिक खेल सूविधाएं सिंथैटिक एथलैटिक स्टेडियम, एस्ट्रो-टर्फ हॉकी मैदान, बास्केटबॉल, हैंडबॉल /वालीबॉल कोर्ट और शूटिंग के साथ-साथ तीरअन्दाज़ी रेंज के लिए आउटडोर खेल मैदान, बॉक्सिंग और कुश्ती, वेट लिफ्टिंग, बैडमिंटन, स्क्वैश, जिम्नेजिय़म और योगा के लिए इन्डोर मल्टी-पर्पस हॉल, आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और प्रौद्यौगिकी के साथ लैस अत्याधुनिक फिटनैस सेंटर, खेल विज्ञान और बायोमकैनिक्स पाठ्यक्रमों के लिए विशेष वैज्ञानिक लैब वाले अकादमिक ब्लॉक और आडीटोरियम, लडक़े और लड़कियों के लिए अलग रिहायशी क्षेत्र और कार्यालय ब्लॉक बनेंगे। इसके अलावा राज्य के खेल में शान, परंपरा और विरासत को दिखाने के लिए यूनिवर्सिटी में एक संग्रहालय भी स्थापित किया जायेगा।

‘यूनिवर्सिटी में खेल के अलावा खेल विज्ञान, तकनीक और प्रबंधन की शिक्षा 

खेल मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पंजाब के लिए पहला मौका होगा जब खेल मनोरंजन और दाव-पेंच से परे होंगे और खेल विज्ञान, खेल प्रौद्यौगिकी और खेल प्रबंधन जैसे पहलू खेल मानसिकता और बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव लाएंगे। यूनिवर्सिटी में इन तकनीकी पहलूओं की पढ़ाई पर ज़ोर दिया जायेगा।

आगामी सैशन से खेल और योगा संबंधी चार पाठ्यक्रम होंगे शुरू

राणा सोढी ने कहा कि एम.बी.एस. पंजाब खेल यूनिवर्सिटी ने 9 सितम्बर, 2019 को यू.जी.सी. से अधिकृत तौर पर मान्यता प्राप्त की थी और 16 सितम्बर, 2019 को कार्यशील हुई। मौजूदा समय इसमें बी.पी.ई.एस. और योगा में पी.जी. डिप्लोमा 2 पाठ्यक्रम चल रहे हैं, जबकि चार पाठ्यक्रम बी.पी.ई.एस.(एक और दो साल) चल रहे हैं। योगा में एम.एस.ई. और योगा में पोस्ट ग्रैजूएशन डिप्लोमा आगामी सैशन से शुरू किये जाएंगे। मंत्री ने आगे कहा कि खेल उद्योग और वैज्ञानिक कोचिंग की माँगों की तजऱ् पर भविष्य के पाठ्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है।जि़क्रयोग्य है कि यूनिवर्सिटी को 24 अगस्त, 2019 को पंजाब राज्य विधानसभा के ऐक्ट द्वारा नोटीफाई किया गया था और प्रो. गुरसेवक कॉलेज ऑफ फिजि़कल ऐजूकेशन, पटियाला को कांस्टीचूऐंट कॉलेज के तौर पर नामित किया गया था। प्रसिद्ध खिलाड़ी लैफ्टिनैंट जनरल (डॉ.) जगबीर सिंह चीमा को संस्थापक उप कुलपति के तौर पर नियुक्त किया गया था।

एम.बी.एस.पी.एस.यू. मील का पत्थर साबित होगी: अभिनव बिन्द्रा

प्रैस कॉन्फ्ऱेंस के दौरान ओलम्पिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा ने कहा कि पंजाब में खेल संबंधी विशेष यूनिवर्सिटी की स्थापना एक मील का पत्थर साबित होगी और यह न सिफऱ् एक संस्था के तौर पर खेल का प्रशिक्षण देगी, बल्कि राज्य के साथ-साथ देश के नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी साबित होगी। उन्होंने इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए अहम भूमिका निभाने के लिए खेल मंत्री का धन्यवाद किया।

 

Tags: Rana Gurmeet Singh Sodhi , Punjab Pradesh Congress Committee , Congress , Punjab Congress , Government of Punjab , Punjab Government , Punjab , Maharaja Bhupinder Singh Punjab Sports University

 

 

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