वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने आज जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) के गठन और लोक जैव विविधता रजिस्टर (पीबीआर) की तैयारी के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश को लागू करने के संबंध में बैठक बुलाई।द्विवेदी ने ग्रामीण विकास विभाग को बीएमसी के गठन के लिए पंचायतों के साथ समन्वय करने के लिए कहा जो आगे चलकर पीबीआर को तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि बीएमसी के कामकाज की संबंधित जिला वन अधिकारियों और ब्लाक विकास अधिकारियों द्वारा कड़ाई से निगरानी की जाएगी।बीएमसी को प्रशिक्षण दिए जाने के संबंध में, द्विवेदी ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है। प्रशिक्षण सभी जिला मुख्यालयों में संबंधितों को चरणबद्ध तरीके से प्रदान किया जाएगा।आयुक्त सचिव ने संबंधित अधिकारियों पर मिलकर काम करने के लिए बल दिया ताकि समाज के बड़े हित के लिए बीएमसी का गठन शीघ्र हो सके।मुख्य वन संरक्षक, जम्मू टी. रवि कुमार ने बीएमसी और पीबीआर के व्यापक संदर्भों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक स्थानीय निकाय अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर बीएमसी का गठन करेगा। उन्होंने कहा कि बीएमसी का मुख्य कार्य स्थानीय लोगों के परामर्श से पीबीआर तैयार करना है। उन्होंने कहा कि बीएमसी जैविक संसाधनों तक पहुंच, संबंधित पारंपरिक ज्ञान, प्राप्त लाभ के विवरण और उनके बंटवारे की निगरानी या गैर निगरानी मोड के बारे में जानकारी देने वाले रजिस्टर को भी बनाए रखेगा।इसके अतिरिक्त उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे कि आने वाले दिनों में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस संबंध में वांछित लक्ष्य प्राप्त हो सकें।बैठक में निदेशक पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग मोहम्मद रफी, प्रमुख मुख्य वन संरक्षण/निदेशक एसएफआरआई ओम प्रकाश शर्मा, विशेष सचिव वन पी.के. राघव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।