वन एवं पर्यावरण तथा समाज कल्याण विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने एकीकृत बाल सुरक्षा योजना की स्थिति की समीक्षा हेतु आज नागरिक सचिवालय में एक बैठक की अध्यक्षता की।बैठक में महिला एवं बाल विकास महानिदेषक मीर तारिक अली, समाज कल्याण विभाग के योजना निदेषक ओमेरा षफत, समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव नीरज कुमार तथा विभाग के अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।आयुक्त सचिव ने आईसीपीएस की समग्र षिक्षा करने के अलावा आबजरवेषन होम, स्पैषल होम, बाल कल्याण समितियों आदि के साथ साथ आईसीपीएस की इन इकाईयों की स्टाफ स्थिति के बारे में जानकारी ली।आयुक्त सचिव को सूचित किया गया कि एक आबजरवेषन होम हरवन श्रीनगर में और दूसरा आरएसपूरा जम्मू में पहले से ही कार्यषील है। जबकि अनंतनाग और बारामूला में दो नये आबजरवेषन होम स्थापित किये जायेगे।इसके अतिरिक्त उन्हें बताया गया कि कुछ समय के बाद उधमपुर, राजोरी और डोडा में अतिरिक्त आबज़रवेषन होम स्थापित किये जायेगे।
आयुक्त सचिव ने सम्बंधित अधिकारियों पर बल देते हुए कहा कि सभी सुस्त परियोजनाओं में तेजी लाई जाये ताकि इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके और सभी नई स्थापनाओं को आधुनिक रेखाओं पर बनाया जाना चाहिए।आईसीपीएस के तहत स्थापित आबजरवेषन होम, स्पेषल होम आदि के लिए मैनपावर आवष्यकता का संज्ञान लेते हुए आयुक्त सचिव ने सभी स्तरों पर रिक्त पदों को भरने के लिए आगामी 6 महीनों के लिए एक रोडमैप तैयार करने के निर्देष दिये। उन्होंने अधिकारियों पर बल देते हुए कहा कि पदों की विभिन्न श्रैणियों के लिए भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए और सभी रिक्त पदों को षीघ्र ही सर्विस सलैक्षन बोर्ड को सौंपा जाना चाहिए।बैठक में यह भी बताया गया कि विभिन्न बाल कल्याण पहलों के लिए इस योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा 14.80 करोड रु का व्यय किया गया है। द्विवेदी ने अधिकारियों से सभी पूरी की गई परियोजनाओं के उपयोग प्रमाणपत्र एक सप्ताह के भीतर जमा करवाने के लिए कहा।इसके अतिरिक्त आयुक्त सचिव ने अधिकारियों को आम लोगों के बीच विभिन्न कल्याणकारी पहलों से सम्बंधित जागरूकता बढाने के लिए एक मिडिया अभियान षुरू करने हेतु सूचना विभाग के साथ समन्वय में एक उचित मिडिया योजना तैयार करने के निर्देष दिये।