आवाज-ए-हिन्दुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने आज देश के रक्षा मंत्री मनोहर पारिज़्कर को पत्र भेज कर मांग की है कि पठानकोट हमले के शहीदो के परिजनो को 1 करेाड रूपये की केंद्र आर्थिक सहायता व माता पिता को गैस एजेंसी या पैट्रोल पंप एलॅाट करें । शांडिल्य आज अपने कार्यालय में पत्रकारो से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी । इस अवसर पर आवाज-ए-हिन्दुस्तान के प्रदेशाध्यक्ष कुलवंत सिह मानकपुर,पंजाब के प्रधान लखविंद्र सिंह साधापुर,केसर सिंह,जसमीत सिंह जस्सी,अशोक अग्रवाल आदि मौजूद थें । आवाज-ए-हिन्दुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि उन्होने देश के पीएम व देश के रक्षा मंत्री से मांग की है यदि भाजपा सरकार में शहीदो को सम्मान नही मिल सकता तो फिर किस सरकार में मिलेगा । उन्होने प्रधानमंत्री से मांग की है कि संसद में कानून लेकर आएं कि चाहे सेना का जवान हो या पैरामिलिट्री फ़ोर्स से जुडे अधिकारी या पुलिस का जवान या पुलिस अधिकारी आतंकवाद के खिलाफ लडते शहीद होता है तो उसे केंद्र सरकार बिना किसी सिफारिश के उसके परिवार को 1 करेाड की आर्थिक सहायता व मां-बाप को गैस एजेंसी मिलेगी ।
वीरेश शांडिल्य ने देश के रक्षा मंत्री को जहां आवाज-ए-हिन्दुस्तान की तरफ से मिलने का समय माँगा वहीं उन्होने कहा कि दुख की बात है कि अंबाला जिला के गांव गरनाला का देश का पहला गरूड कमांडो गुरसेवक शहीद हुआ था लेकिन उसे केंद्र ने आज तक कोई सहायता नही दी यही नही 26 जनवरी 2017 को गुरसेवक को शौर्य चक्र मिलना था वह भी नही मिला जिसकी मोदी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दें और अम्बाला के दूसरे जिंदा शहीद शैलभ गौड़ जिन्होने पठानकोट आतंकी हमले में मौत पर विजय पाई उसके परिजनो को भी केंद्र सरकार 50 लाख की राशि और बहादुर वीरता का पुरूस्कार दें । आवाज-ए-हिन्दुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने पत्रकारो के सामने गुणगुनाया ''ए मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी उन्होने कहा कि आवाज-ए-हिन्दुस्तान पूरे देश मे शहीदो के सम्मान की लडाई लडेगा । वहीं वीरेश शांडिल्य ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनेाहर लाल खट्टर से मांग की है कि आतंकवादियों से लेाहा लेने वाले कुरूक्षेत्र के शहीद मनदीप की पत्नी जो हरियाणा पुलिस में सिपाही है और एमए पास है उसे तुंरत हरियाणा पुलिस में इंस्पैक्टर मनोनित किया जाए जो शहीद मनदीप को हरियाणा सरकार की सच्ची श्रधान्जली होगीं । वहीं आवाज-ए-हिन्दुस्तान ने मांग की कि जो भी शहीद जवानों को शहादत के बाद सेना की ओर से या सरकार की ओर से सम्मान मिले वो शहीद के माता -पिता को मिले इससे शहीद के परिजनो का सम्मान बढेगा।